नई दिल्ली. लगभग प्रत्येक मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विरोध करने वाली कांग्रेस ने सिख गुरू तेगबहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर आयोजित समारोह में प्रधानमंत्री को नहीं बुलाने के फैसले पर कड़ी आपत्ति जताई है। पार्टी ने कहा कि प्रधानमंत्री पूरे देश के होते हैं, इसलिए उन्हें इस कार्यक्रम में नहीं बुलाने का फैसला स्वीकार नहीं किया जा सकता। कांग्रेस की इस प्रतिक्रिया से आश्चर्य में पड़ी भाजपा ने सिर्फ इतनी प्रतिक्रिया दी है कि अगर कांग्रेस कह रही है कि प्रधानमंत्री पूरे देश के हैं तो गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी को इसका जवाब भी देना चाहिए। हालांकि अकाली दल-आम आदमी पार्टी ने प्रधानमंत्री को नहीं बुलाने के फैसले को सही बताया है।

पंजाब में सिखों की सर्वोच्च संस्था शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सिख गुरु तेगबहादुर के 400वें प्रकाश पर्व पर नहीं बुलाने का फैसला किया है। पंजाब सरकार ने इस फैसले को अकाली दल के दबाव में लिया गया फैसला करार दिया है। पंजाब के कैबिनेट मंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि जो भी कार्यक्रम होता है वो साझा होता है, गुरु तेगबहादुर जी पूरे देश के हैं ऐसे में प्रधानमंत्री को इस कार्यक्रम में ना बुलाने का फैसला सही नहीं है। शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कार्यक्रम में बुलाना चाहिए था और उन्हें सिख गुरुओं के द्वारा किसानी को लेकर दी गई शिक्षा और बातें बतानी चाहिए थी ताकि उन्हें किसानों के दर्द का एहसास करवाया जा सके।

इधर अकाली दल के नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने कहा कि गुरुद्वारा कमेटी संवैधानिक धार्मिक संस्था है, जिसके बकायदा चुनाव होते हैं। वह तमाम हालात को देखते हुए ही फैसला लेती है और इस बार भी एसजीपीसी ने पूरे हालात को देखते हुए ही ये फैसला लिया होगा। चीमा ने कांग्रेस के नेताओं को सलाह दी कि वे इस मुद्दे को राजनीतिक ना बनाएं, ये एक स्वतंत्र धार्मिक संस्था की तरफ से लिया गया फैसला है। आम आदमी पार्टी ने भी इस पूरे मामले में गुरुद्वारा कमेटी के फैसले को सही बताया है।

खुशी से फूली भाजपा ने जवाब मांगा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को कार्यक्रम का न्योता ना दिए जाने पर बीजेपी का कहना है कि पीएम किसी दल के नहीं बल्कि देश के होते हैं। अगर कांग्रेस के नेता ये बात कह रहे हैं कि प्रधानमंत्री को एसजीपीसी के कार्यक्रम में बुलाना चाहिए था और उसके बावजूद भी एसजीपीसी ने प्रधानमंत्री को नहीं बुलाया तो इसका जवाब मिलना चाहिए।

उल्लेखनीय है कि कृषि कानून के मसले पर जारी आंदोलन की अगुवाई पंजाब के किसान ही कर रहे हैं। इसी को देखते हुए शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने बयान दिया था कि हमारी संस्था सिखों की साझा संस्था है, ऐसे में केंद्र के कृषि कानूनों से पंजाब के किसानों का बड़ा नुकसान हुआ है, यही कारण है कि हम पीएम मोदी को प्रकाश पर्व के कार्यक्रम में नहीं बुला सकते। गुरु तेग बहादुर का 400वां प्रकाश पर्व अप्रैल में मनाया जाना है। नवंबर से इसका जश्न शुरू हो गया है।

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