जयपुर. दिल्ली में राजस्थान भाजपा नेताओं की बैठक में नहीं बुलाने से नाराज राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने समर्थकों के जरिए प्रदेश के 25 जिला अध्यक्षों की सूची जारी कर केन्द्रीय नेतृत्व को चौंका दिया है। इससे राजस्थान भाजपा का घमासान भी सतह पर आ गया है। दिल्ली में शुक्रवार को हुई बैठक के लिए आमंत्रण नहीं मिलने के बाद टीम वसुंधरा ने 25 जिला अध्यक्षों की सूची सोशल मीडिया पर वायरल करके नेतृत्व को बता दिया गया है कि वसुंधरा के बिना राज्य भाजपा चुनाव मैदान में टिक नहीं पाएगी।

महारानी को हाशिए पर धकेल रहा है नेतृत्व !

भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष जे.पी. नड्डा ने राजस्थान के तीन वरिष्ठ नेताओं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया, नेता प्रतिपक्ष गुलाबचंद कटारिया और उप नेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौर के साथ बैठक करके राज्य में हो रहे विधानसभा के तीन उपचुनावों पर चर्चा की थी। इस बैठक में वसुंधरा राजे को नहीं बुलाया गया। इससे ये स्पष्ट हो गया कि नेतृत्व वसुंधरा राजे यानी महारानी को हाशिए पर धकेल रहा है। इसी के विरोध में टीम वसुंधरा ने 25 जिलाध्यक्ष वाला दांव चला है। इससे राज्य में नए राजनीतिक समीकरण बनते दिख रहे हैं।

नियुक्ति लैटरहैड पर विजयाराजे की तस्वीर के ये निहितार्थ !

भाजपा कार्यकर्ता दिल्ली में बैठक के दिन ही टीम वसुंधरा राजे के बैनर तले नवनियुक्त जिला अध्यक्षों की सूची देखकर हैरत में पड़ गए। सूची जिस लेटरहैड पर जारी की गई है, उसमें वसुंधरा की मां और भाजपा की दिग्गज नेता रही विजयाराजे सिंधिया की तस्वीर दिखाई दे रही है। लेटरहैड पर उन्हें जनता के बीच राष्ट्रवाद की भावना को बढ़ावा देने की प्रेरक के रूप में दर्शाया गया है। उल्लेखनीय है कि विजयाराजे सिंधिया भाजपा की फाउंडर मेम्बर थीं और अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी के कद की भाजपा नेता थी। राजनीतिक गलियारों में आज तक पार्टी चलाने में उनके योगदान की चर्चा होती है। माना जा रहा है कि विजयाराजे की तस्वीर दिखाकर वसुंधरा नेतृत्व को दर्शाना चाहती हैं कि उसे उनकी मां के योगदान को भुलाना नहीं चाहिए।

सपने को धूल-धूसरित कर सकती है ये दरार 

राज्य के तीन जिलों में होने वाले उपचुनावों से पहले पार्टी में आई ये दरार उसकी तीनों सीट जीतने के सपने को धूल-धूसरित कर सकती है। वैसे पिछले कई महीनों से वसुंधरा की पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ दूरी और मतभेद राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बनते रहे हैं।

मीडिया में आई खबरों के अनुसार भाजपा प्रदेश अध्यक्ष सतीश पूनिया का कहना है कि वसुंधरा राजे समर्थकों ने कई जिलों में अपने जिलाध्यक्ष बनाए हैं लेकिन केंद्रीय नेतृत्व इस तथ्य से अवगत है और हम पार्टी नेतृत्व के निर्णय का पालन करेंगे। पूनिया ने कहा कि हम पता लगा रहे हैं कि क्या ये सदस्य गंभीर भाजपा कार्यकर्ता हैं। सभी तथ्यों के साथ एक पूरी रिपोर्ट संकलित करने के बाद ही वे इस मामले में बोलने की स्थिति में होंगे।

वसुंधरा राजे समर्थक राजस्थान मंच के संयोजक विजय भारद्वाज के अनुसार नई इकाई का गठन दिसंबर 2020 में किया गया था। इसे राजे द्वारा लोगों के लिए बनाई गई नीतियों और परियोजनाओं के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से बनाया गया है।

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