नई दिल्ली. अमेरिकी कैपिटल बिल्डिंग यानी संसद भवन पर हिंसक हमले को उकसाने के आरोप में दूसरे महाभियोग का सामना करने जा रहे डोनाल्ड ट्रंप डेमोक्रेटिक पार्टी के चक्रव्यूह में फंस गए हैं। डेमोक्रेट पार्टी के सांसद प्रतिनिधि सभा में 13 जनवरी को पहले उस धारा 25 के तहत कार्रवाई का प्रस्ताव पारित करेंगे जिसके तहत उपराष्ट्रपति और पूरी केबिनेट राष्ट्रपति को पद से हटा सकती है। इस प्रस्ताव पर उपराष्ट्रपति ने कार्रवाई नहीं की तो फिर महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान किया जाएगा।

डेमोक्रेट पार्टी के कुछ सांसदों ने अमेरिकी मीडिया को यह जानकारी दी। राष्ट्रपति डोनाल्ड के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में 13 जनवरी को मतदान होगा।
डेमोक्रेट सांसद सांसदों जैमी रस्किन, डेविड सिसिलिने और टेड लियू ने महाभियोग प्रस्ताव तैयार किया है। प्रतिनिधि सभा के 211 सदस्यों के समर्थन से इसे सोमवार को पेश किया गया था। सदन में बहुमत के नेता स्टेनी होयर ने कहा कि महाभियोग पर मतदान बुधवार को होगा। महाभियोग प्रस्ताव में निर्वतमान राष्ट्रपति पर छह जनवरी को राजद्रोह के लिए उकसाने का आरोप लगाया गया है।

प्रस्ताव के अनुसार ट्रंप ने समर्थकों को कैपिटल बिल्डिंग की घेराबंदी के लिए तब उकसाया, जब वहां इलेक्टोरल कॉलेज के मतों की गिनती चल रही थी और लोगों के धावा बोलने की वजह से यह प्रक्रिया बाधित हुई। इस घटना में एक पुलिस अधिकारी समेत पांच लोगों की मौत हो गई।

उल्लेखनीय है कि डेमोक्रेटिक सांसदों के पास ट्रंप के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए प्रतिनिधि सभा में पर्याप्त मत है, लेकिन सीनेट में 50 के मुकाबले 51 का मामूली अंतर से बहुमत है। सीनेट में महाभियोग प्रस्ताव पारित करने के लिए दो तिहाई सदस्यों के मतों की आवश्यकता होती है। सीनेट में बहुमत के नेता मिच मैकोनल ने कहा है कि अमेरिकी संसद के ऊपरी सदन में महाभियोग पर मतदान 20 जनवरी को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह से पहले नहीं हो सकता।

ट्रंप के खिलाफ महाभियोग के दो आरोप पेश किए गए हैं। इनमें ट्रंप पर जार्जिया में 2020 राष्ट्रपति पद चुनाव के परिणाम बदलने की कोशिश के लिए सत्ता के दुरुपयोग और तख्तापलट की साजिश रचने के लिए हिंसा को भड़काने के आरोप हैं। प्रतिनिधि सभा पहले 25वें संशोधन के तहत ट्रंप को हटाने के संबंध में उपराष्ट्रपति (माइक) पेंस और कैबिनेट से अपील करने पर मतदान करेगी। यदि पेंस कार्यवाही नहीं करते हैं और सदन इस सप्ताह महाभियोग प्रस्ताव पर मतदान करेगा।

शपथ ग्रहण समारोह की आपातकालीन घोषणा जारी

उधर डोनाल्ड ट्रम्प ने नवनिर्वाचित राष्ट्रपति जो बाइडन के 20 जनवरी को शपथ ग्रहण समारोह से पहले और उस दौरान हिंसा की आशंका को लेकर स्थानीय एवं संघीय अधिकारियों की बढ़ती चिंताओं के बीच एक आपातकालीन घोषणा जारी की। घोषणा के बाद गृह मंत्रालय और संघीय आपातकालीन प्रबंधन एजेंसी को स्थानीय अधिकारियों के साथ समन्वय की अनुमति मिल गई है। ट्रम्प की आपातकालीन घोषणा 24 जनवरी तक लागू रहेगी।

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