नई दिल्ली. उत्तरप्रदेश से एक रोचक खबर आई है। प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रमोशन पाए चार अपर जिला सूचना अधिकारियों को पदावनत कर चपरासी, चौकीदार, सिनेमा ऑपरेटर-कम-प्रचार सहायक बना दिया है। सरकार का दावा है कि इन चारों का प्रमोशन नियमों को ताक पर रखकर किया गया था।

चौकीदार के रूप में ज्वाइनिंग के आदेश

जानकारी के अनुसार बरेली में अपर जिला सूचना अधिकारी के रूप में तैनात नरसिंह को पदावनत कर चपरासी बना दिया गया है, जबकि फिरोजाबाद के अपर जिला सूचना अधिकारी दया शंकर को चौकीदार के रूप में ज्वाइनिंग आदेश थमा दिया है।

दो को बनाया सिनेमा ऑपरेटर

इसके अलावा मथुरा और भदोही में अपर जिला सूचना अधिकारी के रूप में कार्यरत विनोद कुमार शर्मा और अनिल कुमार सिंह को सिनेमा ऑपरेटर कम प्रचार सहायक बना दिया गया है। सूचना विभाग में एक सहायक ने इन चारों की अवैध पदोन्नति के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में रिट याचिका दायर की थी। ये सभी अतिरिक्त सूचना अधिकारियों के रूप में पदोन्नत हुए थे।

याचिका खारिज लेकिन दे दिया ये आदेश

हालांकि अदालत ने याचिका खारिज कर दी लेकिन ये टिप्पणी भी कर दी कि इसीलिए पदोन्नति के अधिकार को सेवा नियमों द्वारा कड़ाई से विनियमित किया गया है। कोर्ट ने सूचना निदेशक को निर्देश दिया कि वे प्रतिनिधित्व पर फैसला करें और याचिकाकर्ता की शिकायत पर विचार करें कि उनके रैंक के अन्य कर्मचारियों को अवैध रूप से पदोन्नत किया गया था।

कोर्ट के इस आदेश के बाद सूचना विभाग ने रिकॉर्ड की जांच में पाया कि चार कर्मचारियों को इस आशय के किसी भी नियम के अभाव के बावजूद पदोन्नत किया गया था। यह तय किया गया कि सभी चार व्यक्तियों को पदावनत किया जाना चाहिए क्योंकि इस तरह से प्रमोशन के लिए कोई नियम नहीं है।

Leave a comment

Your email address will not be published.