नई दिल्ली. वैसे तो बिहार विधानसभा में बाहुबलियों की भरमार रहती आई है लेकिन सत्रहवीं बिहार विधानसभा में इस बार उनकी संख्या अमीरों के बराबर रहेगी।
बिहार की राजनीति में दबंगों के रूतबे को विधानसभा में नए आयाम मिलेंगे। बात भले ही दागियों से दूर रहने की जाती हो लेकिन कांग्रेस, भाजपा, राजद, जदयू ने उन्हें टिकट देने से गुरेज नहीं किया। टिकट देते वक्त केवल जीत की सम्भावना को देखा गया। वैसे बिहार के मतदाता इस बात पर सुकूनपुर रह सकते हैं कि पढ़े-लिखे सदस्यों की संख्या इस बार बढ़ गई है। पिछली विधानसभा में 138 स्नातकों के मुकाबले 2020 में 149 विधायक चुनकर आए हैं।

123 पर हत्या, अपहरण के मामले

नई विधानसभा के 68 प्रतिशत विधायक दागी हैं। उनके खिलाफ विभिन्न अदालतों में आपराधिक मामले चल रहे हैं। एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के अनुसार 243 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के एक और राजद के एक सदस्य को छोड़ चुने गए 241 विधायकों के हलफनामे के अनुसार 163 के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज हैं। 51 प्रतिशत यानी करीब 123 पर हत्या, अपहरण, हत्या के प्रयास या महिलाओं के प्रति अपराध जैसे गंभीर आरोप हैं. इनमें 19 पर हत्या, 31 पर हत्या की कोशिश तथा आठ पर महिलाओं के प्रति अपराध का मुकदमा लंबित है। 2015 में ऐसे सदस्यों की संख्या 143 यानी 40 प्रतिशत, 2010 में 133 तथा 2005 में 100 थी। 2020 की स्थिति की 2015 से तुलना में इनकी संख्या में 11 प्रतिशत का इजाफा हुआ है।

लगभग बराबर चुनकर आए हैं भाजपा और राजद के दबंग

दागी विधायकों की दलगत उपस्थिति में राजद सबसे आगे है। इसके 44 विधायक दागी हैं। भाजपा के 47, जदयू के 20, कांग्रेस के 10 तथा सीपीआई (एमएल) के आठ सदस्यों का क्रिमिनल रिकॉर्ड है। असदुद्दीन ओवैसी की एएमआइएमआइएम पार्टी के सभी पांच विधायक भी इसी श्रेणी में हैं। हथियारों के शौक के लिहाज से देखेंगे तो नए विधायकों में 48 इसके शौकीन हैं। इस बार चुने गए विधायकों में हथियारों के सबसे ज्यादा शौकीन भाजपा के 21, राजद के 15 और जदयू के सात विधायक हैं।

सबसे बड़े दागी का रिकार्ड राजद के नाम

सोलहवीं विधानसभा के एक करोड़ से अधिक सम्पत्ति वाले 162 विधायकों के मुकाबले इस बार 194 विधायक करोड़पति हैं। भाजपा इसमें अव्वल है। भाजपा के सर्वाधिक 89, जदयू के 88, राजद के 87 तथा कांग्रेस के 74 प्रतिशत सदस्यों की संपत्ति एक करोड़ या उससे अधिक है। भाजपा के 74 सदस्यों में 66, जदयू के 43 में 37, राजद के 75 में 62 व कांग्रेस के 19 में 15 करोड़पति हैं। राजद टिकट पर पटना के मोकामा से चुने गए अनंत सिंह ऐसे माननीय हैं जो सबसे अधिक दागी और सबसे बड़े करोड़पति हैं। उनके खिलाफ हत्या, अपहरण व आर्म्स एक्ट के 38 मामले दर्ज हैं। वे 68 करोड़ से अधिक की संपत्ति के स्वामी हैं।

विधानसभा में आधी सीटों पर नए चेहरों का कब्जा

इस बार विधानसभा चुनाव में कई पार्टियों ने नए चेहरे को तवज्जो दी। इसी वजह से बागियों की संख्या में खासा इजाफा हो गया। इस बार 95 चेहरे पहली बार विधानसभा की देहरी पर कदम रखेंगे। इनमें सर्वाधिक 35 सदस्य राजद के हैं। राजद ने 63 नए लोगों को टिकट दिया था। इसी तरह जदयू के 12, भाकपा-माले के आठ व भाजपा के 22 नए चेहरे विधानसभा में नजर आएंगे। इस बार 22 पीएचडी, तीन डॉक्टर, तीन एमबीए, तीन लॉ डिग्रीधारी तथा 76 स्नातक विधानसभा के लिए चुने गए। पीएचडी धारकों में दीघा (पटना) से भाजपा के संजीव चौरसिया, फतुहा (पटना) से राजद के रामानंद यादव व पालीगंज (पटना) विधानसभा क्षेत्र से भाकपा-माले के संदीप सौरभ शामिल हैं।

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