जयपुर. महिलाओं और पुरुषों में कमर दर्द महामारी की तरह फ़ैल चुका है। रात में जरा सी कूलर की हवा लग जाए या ठंडक हो जाए तो सुबह उठना बैठना मुश्किल हो जाता है। वायु के कारण होने वाले जोड़ों, हाथ पैरो के दर्द, साइटिका आदि में मेथी के लड्डू फायदेमंद हैं।

श्वेत प्रदर की खास दवा

महिलाओं की एक आम समस्या श्वेत प्रदर (सफ़ेद पानी) की यह ख़ास दवा है। मासिक के समय में भयंकर कमजोरी आ जाती है। सारा दिन निढाल पड़े बीत जाता है तो यह लड्डू ठीक कर देगा, हाथ पैरों का कांपना झुनझुनी, सुन्नपन, ऐठन आदि सब ठीक हो जाता है। गर्भाशय के कई रोगों में यह काम करता है।

निर्माण विधि

(1) आधा किलो गाय के दूध में दो चम्मच पिसी सोंठ मिलाकर उबालें और ठंडा हो जाने पर इसमें साफ़ किये हए आधा किलो मेथी दाना भिगो दें। जब मेथी दाना ठीक से फूल जाए तो इसको तेज धूप में सुखा लें, भलीभाति सूख जाने पर महीन पीसकर देसी घी में हल्का भून लें।
(2) छोटी पिप्पर, सोंठ, कालीमिर्च, दालचीनी सब 15-15 ग्राम लेकर महीन कूट पीसकर रख लें।
(3) डेढ़ किलो देसी शक्कर (लाल वाली ) या खांड महीन पीसकर रख ले।
(4) 250 ग्राम बबूल गोंद साफ़ करके देसी घी में भून कर कूट कर तैयार कर लें।
(5) खसखस 50 ग्राम मध्यम आंच पर भून लें।
(6) सिंघाड़े का आटा एक किलो लेकर इसे भी देसी घी में हलकी आंच पर तब तक भूने जब तक रंग हल्का लाल और सुगंध न आने लगे। अब इसी गरम आटे में सब चीजे मिला कर ठीक से घुटाई कर लें और लड्डू बनाकर रख लें।

इसको बनाते समय पानी का इस्तेमाल नहीं करना है। कुछ लोग चाशनी बनाकर उसमे लड्डू बनाते है जो बाद में इतना सूख जाता है की खाते नही बनता। गरम आटे में सब सामग्री मिलाने से लड्डू बन जाते है फिर भी कोई परेशानी हो तो थोड़ा सा घी मिला लें।

मात्रा एवं सेवन विधि

मेथी के लड्डू 20 ग्राम तक मात्रा में प्रातः व शाम को नाश्ते के समय लें। इसको खाने के बाद दूध पीना अधिक उपयोगी है।

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