नई दिल्ली. भारत के शेयर बाजारों में आईपीओ का भूचाल आने वाला है क्योंकि दुनिया का जाना—माना बर्गर किंग इंडिया शेयरों के अखाडे में जो उतरना वाला है। बर्गर किंग इंडिया का पब्लिक इशू बुधवार 2 दिसंबर को खुलकर शुक्रवार 4 दिसंबर तक उपलब्ध रहेगा। शेयर बाजार में इससे पहले ग्लैंड फार्मा के इशू पर रिटेल निवेशक टूट पड़े थे। फार्मा कंपनी के शेयर बड़े प्रीमियम पर लिस्ट हुए थे।

अभी भारत में फिसड्डी है बर्गर किंग

बर्गर किंग इंडिया भारत में अमेरिका के क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (क्यूएसआर) चेन बर्गर किंग की सब्सिडियरी कंपनी है। कंपनी के पास बर्गर किंग ब्रांड के नाम यहां एक्सक्लूसिव आउटलेट्स विकसित करने, स्थापित करने और चलाने का अधिकार है। 2014 में पहला रेस्टोरेंट शुरू करने के बाद 8 सब फ्रैंचाइज्ड स्टोर मिलाकर भारत में बर्गर किंग के कुल 261 रेस्टोरेंट है। इसके आउटलेट्स 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के 57 शहरों में फैले है। बिक्री में यह रेस्टोरेंट चेन जुबिलेंट फूडवर्क्स के डोमिनोज पिज्जा, मैकडॉनल्ड्स, केएफसी, सबवे के बाद पांच प्रतिशत हिस्से के साथ पांचवे नंबर पर है।

आधा हो गया घाटा

चालू वर्ष में बर्गर किंग का रेवेन्यू वित्त वर्ष 2019 में 2017 के 230 करोड़ के मुकाबले बढ़कर 633 करोड़ हो गया है। कंपनी इसी अवधि में घाटे को 72 करोड़ से कम करते हुए 38 करोड़ तक ले आई है। आईपीओ से मिलने वाले धन का इस्तेमाल पूरे देश में कंपनी के स्टोर विस्तार और कर्ज चुकाने में किया जाएगा।

15 हजार का शुरूआती निवेश जरूरी

कम्पनी आईपीओ के तहत 450 करोड़ के नए शेयर जारी करेगी जबकि 6 करोड़ शेयर प्रमोटर के ऑफर फॉर सेल के होंगे। आईपीओ का कुल इशू साइज अपर बैंड के आधार पर 810 करोड़ रूपये का है। कंपनी ने आईपीओ में दस प्रतिशत हिस्सा रिटेल निवेशकों के लिए जबकि पन्द्रह प्रतिशत नॉन-इंस्टीटयूशनल इन्वेस्टर्स तथा 75 प्रतिशत संस्थागत निवेशकों के लिए आरक्षित रखा है। बर्गर किंग के शेयरों की बिक्री के लिए 59-60 रूपये का प्राइस बैंड तय किया गया है। निवेशक न्यूनतम 250 और फिर उसके मल्टीपल में शेयरों की बोली लगा सकते हैं।

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