जयपुर. अगर वैक्सीन निर्माता कम्पनियां सार्वजनिक रूप से एक—दूसरे की वैक्सीन की आलोचना नहीं करती तो राजस्थान में वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में कमी नहीं आती। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इसके लिए दोनों वैक्सीन निर्माता कम्पनियों को जिम्मेदार ठहराया है। उनका कहना है कि कंपनियों में कारोबारी कारणों से हुई बयानबाजी ही राजस्थान में वैक्सीन लगवाने वालों की संख्या में कमी का कारण है।

कोरोना वैक्सीन लगवाने वालों की लगातार संख्या में आ रही कमी के पीछे कारण वैक्सीन बनाने वाली कंपनियों की व्यवसायिक कारणों से हुई बयानबाजी है। इस बीच मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने हेल्थ वर्कर्स से वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आने के लिए कहा है।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखी है कि वैक्सीनेशन के लिए हेल्थ वर्कर्स कम संख्या में आगे आए हैं। दोनों वैक्सीन निर्माता कंपनियों के बीच व्यवसायिक कारणों से हुई बयानबाजी भी इसका कारण है।

भारत बायोटेक ने अपनी वैक्सीन को लेकर जो गाइडलाइन जारी की हैं, वह अगर पहले ही जारी की जाती तो लोगों का वैक्सीन पर भरोसा बढ़ता। उन्होंने सभी हेल्थ वर्कर्स से वैक्सीन लगवाने के लिए आगे आने की अपील की है।

ज्ञात रहे कि राजस्थान में वैक्सीनेशन शुरू होने के बाद से वैक्सीनेशन आंकड़ों में वृद्धि नहीं हो रही है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 16 जनवरी यानी पहले दिन 73.79% लोगों ने टीका लगवाया था। लेकिन 18 जनवरी को 68.72% लोग और 19 जनवरी को 54.89 फीसदी लोग ही टीका लगवाने पहुंचे।

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