कुमार उमेश

दिल्ली ब्यूरो

नई दिल्ली. किसान आंदोलन ने सरकार की नाक में दम कर रखा है। इस बीच सरकार की परेशानी को बढ़ाने के लिए राहुल गांधी सीधी चुनौती के साथ मैदान में कूद पड़े हैं। राहुल ने सरकार को इशारों में चेताया है कि किसान ही नहीं, जल्द ही बेरोजगारी से परेशान युवा भी सड़क पर उतरेंगे। राहुल का ये इशारा सरकार के लिए बड़े खतरे की घंटी बन सकती है।

विदेश दौरे से लौटने के बाद पूरी तरह से लय में दिख रहे राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा को खूब खरी-खरी सुनाई। राहुल गांधी ने किसानों को सरकार की मंशा से अवगत कराते हुए कहा कि भूमि अधिग्रहण बिल से लेकर हाल में लाए गए तीनों कृषि कानून सरकार की किसानों से किसानी छीनने की रणनीति है।

उन्होंने आरोप लगाया कि नरेंद्र मोदी देश की एक-एक चीज मसलन उर्जा, संचार, रेलवे, सुरक्षा इत्यादि को अपने 3-4 पूंजीपति मित्रों के हाथ में सौंपते जा रहे हैं। कृषि क्षेत्र में अब तक किसी की घुसपैठ नहीं थी। लेकिन इसमें भी पूंजीपति मित्रों की घुसपैठ के ताने-बाने बुने जा चुके है। भूमि अधिग्रहण बिल से इसकी शुरूआत हुई थी। तीनों कृषि कानून इसकी अंतिम कड़ी नहीं है।

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधी चुनौती देते हुए कहा कि किसान किसी से डरने वाले नहीं है। वह सब समझते हैं। उन्हें न थकाया जा सकता है और न बेवकूफ बनाया जा सकता है। किसान प्रधानमंत्री से ज्यादा समझता है। उन्होंने यह भी कह डाला कि किसान को अगर दबा भी दिया गया तो यह ऊर्जा बेरोजगार युवाओं के आंदोलन के रूप में निकलेगी।

वह मेरे प्रोफेसर नहीं …

भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा के सवालों पर तंज कसते हुए राहुल गांधी ने कहा कि ये नड्डा कौन है! वह मेरे प्रोफेसर नहीं, जो मैं उनके हर सवाल का जबाव दूं। दरअसल नड्डा ने मंगलवार को एक के बाद एक कई ट्वीट करते हुए कांग्रेस पर हमला बोला था। उन्होंने कांग्रेस को किसान विरोधी ठहराते हुए कृषि सुधार की बातों की याद दिलाई थी। नड्डा ने चीन को जमीन दिए जाने को लेकर भी कांग्रेस पर सवाल खड़े किए थे।

हाथ नहीं लगा सकते लेकिन गोली मार सकते हैं…

किसानों के बहाने राहुल गांधी ने ईमानदार होने का दंभ भी भरा। उन्होंने कहा कि किसानों को पता है कि राहुल गांधी क्या चीज है! किसानों के लिए कौन खड़ा रहता है। भट्टा परसौल में कौन खड़ा था। उन्होंने प्रधानमंत्री पर हमला करते हुए कहा कि मैं किसी से डरता नहीं हूं। देश के लिए मैं हमेशा खड़ा रहूंगा। मुझे कोई छू भी नहीं सकता है। लेकिन गोली मरवा सकता है। राहुल गांधी की इशारों ही इशारों में जान के खतरे की आशंका जताना कांग्रेस के लिए संजीवनी बन सकता है। अगर लोगों में ये चर्चा का विषय बन गया तो भाजपा की मुश्किलों में इजाफा हो सकता है

आफिसियल सीक्रेट एक्ट के तहत मुकदमे की चुनौती

तल्ख तेवरों के साथ राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री पर आफिसियल सीक्रेट एक्ट के उल्लंघन का आरोप भी मढ़ डाला। एक इलेक्ट्रानिक मीडिया चैनल प्रमुख के व्हाट्सएप चैट लीक होने की बाबत राहुल गांधी ने कहा कि यह बहुत ही गंभीर मामला है। बालाकोट हमले से पहले इसके डाक्यूमेंट का बाहर आना देश के लिए बहुत बड़ा खतरा हो सकता था।

इस जानकारी को लीक करने वाले दोनों लोगों पर कारवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों में से एक इलेक्ट्रानिक मीडिया प्रमुख है तो दूसरा उन पांच लोगों में से एक है जो इसके बारे में जानते थे। राहुल गांधी के मुताबिक उन पांच लोगों में एक प्रधानमंत्री, दूसरा रक्षा मंत्री, तीसरा गृहमंत्री, चौथा एनएसए प्रमुख और पांचवां एयर चीफ मार्शल है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि इसका सीधा मतलब है कि प्रधानमंत्री ने ही….। राहुल ने कहा कि इस सरकार में कारवाई की उम्मीद नहीं की जा सकती लेकिन सरकार बदलने पर इस मामले में कारवाई होगी।

Leave a comment

Your email address will not be published.