अमेरिकी संसद पर तिरंगा लहराने पर वरूण गांधी ने किया सबसे पहले विरोध

नई दिल्ली. भाजपा सांसद वरूण गांधी ने अमेरिकी संसद पर हमले के दौरान फहराए जा रहे तिरंगे पर कड़ी राजनीतिक प्रतिक्रिया देकर एक तरफ नेतृत्व को हतप्रभ कर दिया वहीं दूसरी ओर उनके चचेरे भाई और पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी इस मामले में उनसे पिछड़ गए। इस मामले पर राहुल की प्रतिक्रिया बाद में आई।

अमेरिकी संसद पर गुरूवार को धावे के समय भारत का तिरंगा लहराने पर वरूण गांधी ने प्रदर्शन के दौरान नजर आए तिरंगे का वीडियो शेयर करते हुए ट्विटर पर पहले पूछा, ’वहां एक भारतीय झंडा क्यों है? फिर अपनी कड़ी राय दी कि यह ऐसी लड़ाई है, जिसमें हमें यानि भारत को बिल्कुल भाग लेने की जरूरत नहीं है। वीडियो पोस्ट करने के बाद वरुण गांधी ने विन्सेंट की कांग्रेस सांसद शशि थरुर के साथ ली गई फोटो शेयर की। गांधी ने लिखा कि यह व्यक्ति शशि थरुर का दोस्त है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए थरुर ने कहा कि उन्हें यह बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने लिखा कि वो हर ऐसी कोशिश की निंदा करते हैं, जिसमें भारत के झंडे को अमेरिकी भीड़ में शामिल किया जाता है।

राजनीतिक जानकार वरूण गांधी के ट्वीट में लिखे गए शब्दों को बेहद कड़ा मान रहे हैं। ऐसे शब्दों का इस्तेमाल भाजपा में अमूमन नामुमकिन माना जाता है। हालांकि उनका मानना है कि वरूण नेतृत्व की उपेक्षा से नाराज हैं लेकिन उन्होंने जिस अंदाज में ट्वीट किया, उसे राजनीतिक हमला मानने से कोई भी इनकार नहीं करेगा। अमेरिकी संसद पर उत्पात में तिरंगे को लहराए जाने पर वरूण ने जैसी प्रतिक्रिया दी, उसके राजनीतिक निहितार्थ हैं।

बीते दिन राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समर्थकों की एक भीड़ ने अमेरिकी संसद में घुसकर उत्पात मचाया था। स्थिति यहां तक पहुंच गई थी कि सुरक्षाबलों को बचाव के लिए पिस्तौल तानने पड़ गए थे। इस दौरान सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें संसद के बाहर मौजूद भीड़ में एक व्यक्ति तिरंगा लहरा रहा था।

खबरों के अनुसार झंडा लहराने वाला विन्सेंट जेवियर पलाथिंगल नामक व्यक्ति कोच्चि का रहने वाला है। विन्सेट का कहना है कि वे ट्रंप के प्रति भारतीय अमेरिकियों का समर्थन दिखाने के लिए प्रदर्शन में गए थे। विन्सेंट रिपब्लिकन पार्टी की सेंट्रल कमेटी के सदस्य थे। विन्सेंट का दावा है कि जिन्हें लगता है कि चुनाव में धांधली हुई है, वे कोरियाई, भारतीय और ईरानी आदि मूल के सभी अमेरिकी देशभक्त ट्रंप के प्रति समर्थन दिखाने प्रदर्शन में गए थे। मेरे पास तिरंगा था तो मैं इसके साथ चला गया। मैंने वहां पर पाकिस्तानी झंडा भी देखा था।

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