नई दिल्ली. लगभग एक पखवाड़े के बाद आने वाले Valentine’s Day: वेलेंटाइन डे पर लड़के-लडकियां एक दूसरे को प्रेम का आमंत्रण देने की तैयारी में हैं। उनमें से अधिकांश नहीं जानते कि उनके प्रस्ताव पर विपरीत दिशा से क्या प्रतिक्रिया आएगी। लेकिन उन्हें शायद पता नहीं कि वे अपनी जन्म कुंडली का अवलोकन करके ये जान सकते हैं कि उनका प्रस्ताव सिरे चढ़ेगा अथवा नहीं।

तब मंजूर होगा प्रस्ताव जब इस स्थान पर होंगे ये ग्रह

जयपुर के प्रसिद्ध ज्योतिषी पंडित सुरेश जोशी का कहना है कि प्रेम विवाह और प्रेम प्रस्ताव की मंजूरी के लिए लड़के और लड़की की जन्म कुंडली में planet position: विशेष ग्रहों की विशेष स्थिति होना जरूरी है। इसके बिना ना तो प्रेम प्रस्ताव स्वीकार होगा और ना ही प्रेम विवाह हो पाएगा।

अगर शुक्र और चन्द्रमा हैं यहां तो बेहिचक दीजिए प्रेम प्रस्ताव

पंडित सुरेश जोशी के अनुसार प्रेम विवाह तभी सफल होगा जब लड़के और लड़की की जन्म पत्रिका में शुक्र और चन्द्रमा पहले, पांचवे और सातवें घर में बैठे हों। जोशी के अनुसार ज्योतिष शास्त्र कहता है कि जन्म कुंडली में पंचम स्थान का स्वामी सप्तम स्थान में बैठा हो और सप्तम स्थान का स्वामी पंचम घर में आ बैठता है तो प्रेम विवाह अवश्य होता है। लेकिन इसके लिए लड़की की कुंडली में बृहस्पति का शुभ होना अनिवार्य है अन्यथा विवाह के बाद कष्ट अनिवार्य हो जाते हैं। जिन लड़कियों की कुंडली में planet position: बृहस्पति किसी पाप ग्रह या राहु केतु के साथ बैठा हो तो वैवाहिक जीवन बेहद कष्टकारी हो जाता है और शादी होते ही क्लेश का कभी समाप्त नहीं होने वाला दौर शुरू हो जाता है।

शुक्र की नहीं है ये स्थिति तो तय है इनकार

पंडित सुरेश जोशी के अनुसार लड़के की कुंडली में भी शुक्र का अच्छे भाव में होना जरूरी है। स्त्री सुख पाने के लिए ये अनिवार्य शर्त है। इसके अलावा मंगल कुंडली में पहले, चौथे, सातवें, आठवें, और बारहवें घर या भाव में बैठा हो तो वह मांगलिक दोष कहलाता है और इसके लिए जरूरी है कि उसका विवाह किसी मांगलिक दोष वाले लड़के अथवा लड़की से ही हो। तो फिर इस वेलेंटाइन डे पर प्रेम प्रस्ताव देने से पहले अपनी planet position: जन्म कुंडली जरूर चेक कर लें ताकि आपको पता लग जाए कि आपका प्रस्ताव स्वीकार होगा अथवा नहीं।

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