डा. सुनिल शर्मा

जयपुर. काफी समय से हमारे देश में इलेक्ट्रिक वाहनों के विकास पर ध्यान दिया जा रहा है, लेकिन इनकी कम रेंज होने से लोग पसंद नहीं कर रहे थे। अब जल्द ही इस समस्या से मुक्ति मिल सकती है। वर्तमान में जो इलेक्ट्रिक स्कूटर्स को लॉन्च किए जा रहे हैं, वे स्कूटर्स बेहतरीन रेंज और किफायती कीमत के साथ मार्केट में उतारे जा रहे हैं।

रेगुलर इस्तेमाल के लिए ये स्कूटर बेस्ट होते हैं क्योंकि ज्यादातर लोग इनसे महज 20 से 25 किमी तक की दूरी ही तय करते हैं। कई बार लोगों को इनसे लंबी दूरी भी तय करनी पड़ जाती है। ऐसे में स्कूटर की रेंज ज्यादा ना हो तब मुश्किल हो जाती है। इसे बीच में चार्ज करना पड़े तो उसमें 2 से 5 घंटे का समय लग सकता है। लेकिन अब मार्केट में ऐसे स्कूटर्स आ रहे हैं, जिनमें स्वैपेबल बैटरी दी जा रही है।

क्या है स्वैपेबल बैटरी

अब जो इलेक्ट्रिक स्कूटर आ रहे हैं, उनमें आप खुद ही आसानी से बैटरी निकालकर दूसरी बैटरी लगा सकते हैं। इसका फायदा यह है कि जब आपके स्कूटर की बैटरी डिस्चार्ज हो जाए तो आप उसे चार्ज बैटरी से रिप्लेस कर सकते हैं। इससे आप बैटरी बदलकर बिना रुके लंबी दूरी तय कर सकते हैं। जबकि पहले इलेक्ट्रिक स्कूटर्स में बैटरी बदलना इतना आसान नहीं था, उसे मैकेनिक ही बदल सकता था।

खुलेंगे बैटरी स्वैपिंग स्टेशन

भारत सरकार इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे में वह इस दिशा में लगातार काम रही है। सरकार की योजना है कि पेट्रोल पंपों पर बैटरी स्वैपिंग स्टेशन स्थापित कर दिए जाएं, जहां लोग मामूली शुल्क देकर जरूरत पड़ने पर आसानी से अपने इलेक्ट्रिक वाहन की बैटरी स्वैप कर सकें।

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