नई दिल्ली. सरकार समर्थन दे तो भारत का आईटी उद्योग 2021-26 में आठ लाख करोड़ रुपये के मदरबोर्ड का निर्यात करने में सक्षम हो सकता है। मोबाइल डिवाइस उद्योग संगठन इंडिया सेल्युलर एंड इलेक्ट्रॉनिक्स एसोसिएशन (आईसीईए) और ईवाय के अनुसार भारत के पास 2026 तक आठ लाख करोड़ रुपये का मदरबोर्ड निर्यात करने की क्षमता है लेकिन सरकारी प्रोत्साहन और सब्सिडी के बिना इस दौरान यह निर्यात क्षमता महज 29,500 करोड़ रुपये के आस-पास सिमट सकती है।

पीसीबीए के निर्यात पर चार से छह प्रतिशत का समर्थन दिया जाये तो भारत का कुल पीसीबीए निर्यात करीब 109 अरब डॉलर (आठ लाख करोड़ रुपये से अधिक) पर पहुंच सकता है। भारत के पीसीबीए उद्योग का मौजूदा आकार करीब दो लाख करोड़ रुपये का है। वर्ष 2021 से 2026 के दौरान इसके बढ़कर 6.4 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच जाने का अनुमान है। राष्ट्रीय इलेक्ट्रानिक्स नीति 2019 में 2525 तक इलेक्ट्रानिक उद्योग का कारोबार 400 अरब डालर (26 लाख करोड़ रुपये) तक पहुंचाने का लक्ष्य है। इसमें से 190 अरब डालर यानी 13 लाख करोड़ रुपये केवल माबाइल फोन उद्योग से प्राप्त होने की संभावना है।

Leave a comment

Your email address will not be published.