Jaipur Foot- जयपुर. बिजली के हाईटेंशन तारों की लपट से दोनों हाथ और एक पैर गंवाने के बाद दूसरों पर आश्रित हो गया एक हैदराबादी बच्चा अब न सिर्फ दौड लगा सकेगा बल्कि वे काम भी आसानी से कर सकेगा जिन्हें इंसान सिर्फ अपने हाथों से ही कर सकता है। Jaipur Foot

फिर से हुआ जिंदगी के पहिये पर सवार

जिंदगी के पहिये पर फिर से सवार हुए हैदराबाद के दस वर्षीय मधु को जयपुर फुट रिहेबिलिटेशन सेंटर ने इस लायक बनाया है। सेंटर ने मधु को एक पैर और दोनों हाथ वापस दे दिए हैं। Jaipur Foot-ये अलग बात है कि वे कृत्रिम हैं लेकिन असली जैसी खूबियों की तरह काम करते हैं।

मुश्किल से मिलती थी दाल-रोटी

जयपुर फुट रिहेबिलिटेशन सेंटर की निदेशक डॉ. पूजा मुकुल के अनुसार चार भाई-बहनों में से सबसे छोटे मधु ने 2019 में बिजली के हाईटेंशन तार की चपेट में आकर हाथ और पैर खो दिए थे। मुश्किल से दाल-रोटी जुटा पाने वाले पिता का बेटा मधु पूरे परिवार पर बोझ बन गया था। उसे एक समाजसेवी की मदद से जयपुर फुट रिहेबिलिटेशन लाया गया था। Jaipur Foot

पहले खड़ा करके मापी लम्बाई

डा. मुकुल के अनुसार जयपुर फुट रिहेबिलिटेशन सेंटर ने सिर्फ ढाई दिन में मधु को कृत्रिम अंग लगा दिए गए जबकि इसके लिए देश के अन्य सेंटर महीनों का समय लेते हैं। दिग्गज डा. पी के सेठी और डी आर मेहता की अगुवाई में स्थापित किए गए जयपुर फुट रिहेबिलिटेशन सेंटर ने सबसे पहले घुटने से ऊपर तक बायां कृत्रिम पैर लगाकर मधु की लंबाई मापी। Jaipur Foot फिर दोनों कृत्रिम हाथ लगाए गए। करीब डेढ़ वर्ष बाद खड़ा हुआ मधु को शुरूआत में दर्द से गुजरना पड़ा लेकिन खड़े होने की खुशी ने उसका आत्मविश्वास लौटा दिया और वह सिर्फ ढाई दिन में बिना सहारे खड़ा होने लग गया।

उल्लेखनीय है कि जयपुर फुट रिहेबिलिटेशन सेंटर जनवरी 2009 में शुरू हुआ था। सेंटर में कृत्रिम अंगों को डिजाइन करके बनाया जाता है।

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