जयपुर. ब्रेनडेड युवती के अंगों के दान से जयपुर में चार लोगों को नई जिंदगी मिलेगी। युवती के हार्ट का ट्रांसप्लांट जयपुर के ही एक निजी अस्पताल में किया गया जबकि उसका लीवर और दोनों किडनी एसएमएस अस्पताल में अन्य मरीजों को प्रत्यारोपित होंगी।

एसएमएस अस्पताल में दुर्घटना में घायल एक 35 वर्षीय युवती को गुरूवार देर शाम ब्रेन डेड घोषित करने के पश्चात परिजनों ने युवती के अंगों के दान की सहमति दे दी। इसी के साथ शहर के एक निजी अस्पताल में हार्ट ट्रांसप्लांट की तैयारी शुरू कर दी गई। अस्पताल के कार्डियक सर्जन डॉ. अजीत बाना और उनकी टीम ने हार्ट ट्रांसप्लांट को अंजाम दिया। युवती की किडनी एसएमएस अस्पताल में डॉ. धनंजय अग्रवाल के नेतृत्व में उनकी टीम ट्रांसप्लांट करेगी। लीवर सवाई मानसिंह अस्पताल में ही डॉ. राम डागा ने प्रत्यारोपित किया।

एसएमएस में होता हार्ट ट्रांसप्लांट यदि…….

स्टेट ऑर्गन एण्ड टिश्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन सोटो से जुडे सूत्रों के अनुसार एसएमएस अस्पताल में उपचाररत युवती के ब्रेनडेड होने के बाद उसके हार्ट का ट्रांसप्लांट एसएमएस अस्पताल में ही करने की तैयारियां थीं पर इसके लिए पहले से रजिस्टर्ड व्यक्ति के परिजनों के तैयार नहीं होने के कारण उसे निजी अस्पताल में भेजना पडा।

गौरतलब है कि एसएमएस अस्पताल में गत वर्ष एक युवक का सफल हार्ट ट्रांसप्लांट यहां के बरिष्ठ कॉर्डियोवास्कुलर सर्जन डॉ. अनिल शर्मा और उनकी टीम ने किया था। हालांकि दुर्भाग्यवश इस साल के प्रारंभ में कोरोना के दंश ने उसे अपनी चपेट में ले लिया जिसके चलते उसकी मृत्यु हो गई।

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