नई दिल्ली. तीर्थराज प्रयाग में माघ मेले के दौरान संयम, श्रद्धा एवं कायाशोधन के लिए आए कल्पवासियों के स्वागत में कई हजार किलोमीटर का सफर तय करके साइबेरियन पक्षी संगम पहुंचे हैं।

सात समंदर पार से आते हैं ये

प्रयागराज पहुंचे साइबेरियन पक्षियों के कलरव और अठखेलियों से संगम तट गुलजार है। संगम के जल पर विदेशी मेहमानों के कलरव और अठखेलियों को देखकर पर्यटक आनन्द की अनुभूति कर रहे हैं। शाम ढ़लते तट का नजारा रमणीय हो जाता है। सात समंदर पार से आने वाले साइबेरियन पक्षियों को घाटों पर देखकर सैलानी बेहद रोमांचित महसूस करते हैं।

गुलाबी ठंड के साथ डेरा डालते हैं

माघ मेले से पहले गुलाबी ठण्ड शुरू होते ही साइबेरियन पक्षी यहां क्रीड़ा करते हुए सर्दी बिताते हैं और गर्मी शुरू होते ही वतन लौटना शुरू कर देते हैं। मेहमान पक्षी स्वीटजरलैंड, साइबेरिया, जापान और रूस समेत अन्य ठंडे देशों से आते हैं।

बेसन के सेव के दीवाने होते हैं ये मेहमान

सफेद-काले रंग के मिश्रण वाली ये चिडिया इंसानों से बिल्कुल नहीं डरतीं। ये चिडिया बेसन से बने सेव बहुत चाव से खाती है। माघ मेले में इनको संगम जल पर अठखेलियां करते देख जा सकता है। इनका जल के ऊपर क्रीडा करना और इनकी आवाज मन को बहुत सुकुन प्रदान करती है। लोग घंटों तक घाट पर बैठकर गंगा में अठखेलियां करते विदेशी पक्षियों को निहारते रहते हैं। लोग इनकी मेहमाननवाजी में कोई कसर नहीं छोड़ते। कोई इन्हें बेसन से बनी सेव तो कोई पपड़ी खिलाता है।

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