घबराहट को छू मंतर कर देगा ये चेम्बर

नई दिल्ली. एक भारतीय इंजीनियर ने ऐसा अनूठा चेम्बर बनाया है जिसमें घुसते ही घबराहट छू मंतर हो जाएगी।

न्यूयॉर्क स्थित ‘प्रैट इंस्टीट्यूट’ से इंडस्ट्रियल डिजाइन में स्नातकोत्तर की डिग्री प्राप्त कर चुके कार्तिकेय मित्तल (32) ने ‘पोस्ट ट्रॉमैटिक स्ट्रैस डिसऑर्डर’ (पीटीएसडी यानी किसी त्रासदीपूर्ण घटना के बाद तनाव के कारण पैदा होने वाले मानसिक विकार) से निपटने में मदद करने के लिए यह कक्ष तैयार किया हैं। इस विकार के कारण व्यक्ति के सामाजिक जीवन में कई समस्याएं पैदा हो सकती है और उसे रोजाना के काम करने में भी दिक्कत आ सकती है।

रीबूट है चेम्बर का नाम

मित्तल ने डिजाइन और इंजीनियरिंग में अपने ज्ञान और मनोचिकित्सा के क्षेत्र में अपने अनुसंधान की मदद से ‘रीबूट’ नामक यह कक्ष बनाया है, जिसे विश्वविद्यालय परिसरों, अस्पतालों, हवाईअड्डों, मॉल और भीड़ वाले अन्य स्थानों पर लगाया जा सकता हैं।

भावनाओं पर काबू पाने में भी सक्षम

ये कक्ष संवेदी उद्दीपन को नियंत्रित करता है और ऐसा माहौल मुहैया कराता है, जिसमें व्यक्ति बिना किसी बाधा के अपनी भावनाओं पर काबू पा सकता है। कक्ष व्यक्ति को ऐसा स्थान मुहैया कराया है, जहां वह आवश्यकता पड़ने पर अपने चिकित्सक की सलाह के अनुसार उपचारात्मक पद्धति का इस्तेमाल कर सकता है।

दौरा पड़ते ही घुस जाएं तो ठीक होकर निकलेंगे

कार्तिकेय ने पाया कि किसी त्रासद घटना के बाद अत्यधिक घबराहट की समस्या से पीड़ित लोगों को किसी भी समय, खासकर ऐसे सार्वजनिक स्थानों पर दौरा पड़ सकता है, जहां वह अपने चिकित्सक से तत्काल संपर्क नहीं कर सकता। इसी समस्या के समाधान के लिए कार्तिकेय ने यह कक्ष बनाया। कक्ष की चौड़ाई पांच फीट और ऊंचाई 7.5 फुट है और इसे चार फुट तक गहरा किया जा सकता है। इसे आवश्यकता के अनुसार छोटा या बड़ा किया जा सकता हैं। इसे इस तरह से डिजाइन किया गया है कि इसमें से कोई आवाज बाहर नहीं जा सकती।

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