नई दिल्ली. मकर संक्रांति पर पांच ग्रहों के एक साथ मकर राशि में प्रवेश से बनने वाला शुभ संयोग भाग्य को बदल देगा। ज्योतिषाचार्यों के अनुसार पांच ग्रहों के एक साथ प्रवेश से बन रहे शुभ संयोग विशेष फलदायी होंगे।

जानकारी के अनुसार पौष मास में जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है, तब मकर संक्रांति पर्व मनाया जाता है। इस दिन सूर्य धनु राशि को छोड़ मकर राशि में प्रवेश करता है। मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाती है। इस दिन सूर्यदेव की उपासना का विशेष महत्व है। ज्योतिषविद् के अनुसार मकर संक्राति पर एक साथ पांच ग्रह मकर राशि में प्रवेश करेंगे।

हिंदू शास्त्रों के अनुसार मकर संक्रांति के दिन गंगा स्नान, व्रत और दान का विशेष महत्व है। मकर संक्रांति से ऋतु परिवर्तन होने लगता है। इसके बाद वसंत ऋतु का आगमन होता है। ऐसे में दिन बड़े और रातें छोटी होने लगती हैं। मान्यता है कि इस दिन सूर्य देव अपने पुत्र शनिदेव के घर जाते हैं, इसलिए इस दिन शनिदेव की पूजा उपासना भी की जाती है।

बाबा मनोहरनाथ मंदिर के महामंडलेश्वर नीलिमानंद का कहना है कि मकर संक्रांति पर सुबह 8ः30 से शाम 5ः46 बजे तक पुण्य काल और सुबह 8 से 8ः27 बजे तक महापुण्य काल रहेगा। इस समय स्नान कर दान दक्षिणा करने से विशेष फल की प्राप्ति होगी।

मकर संक्रांति के दिन स्नान कर दान दक्षिणा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस बार मकर संक्रांति का पुण्य काल आठ घंटे का रहेगा। इसके साथ ही इस बार सूर्य, चंद्रमा, शनि, बुध और गुरु ग्रह भी मकर राशि में होंगे। इसलिए इस बार मकर संक्रांति पर शुभ संयोग बन रहे हैं, जो शुभ फलदायी है।

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