सुनील शर्मा
जयपुर. आजकल कम उम्र में ही लोगों को बीमारियां आ घेरती हैं। इसका एक कारण शुद्ध खाद्य पदार्थों का उपलब्ध नहीं होना तो दूसरा भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित जीवन शैली है। अगर दिनचर्या में ये 10 चीजें शामिल कर ली जाएं तो काफी हद तक बीमारियों से बचाव किया जा सकता है। हृदय रोग, शुगर, जोड़ों के दर्द, कैंसर, किडनी, लीवर आदि के रोग भी कोसों दूर रहेंगे।

आंवला रखेगा जवां

किसी भी रूप में थोड़ा सा आंवला हर रोज़ खाते रहें। जीवन भर उच्च रक्तचाप और हार्ट फेल नहीं होगा। इसके साथ चेहरा तेजोमय, बाल स्वस्थ और सौ बरस तक भी जवान महसूस करेंगे।

रोज लें मेथी

मेथीदाना पीसकर रख ले। एक चम्मच एक गिलास पानी में उबाल कर नित्य पिए। मीठा, नमक कुछ भी नहीं डाले इस पानी में। इस से आंव नहीं बनेगी, शुगर कंट्रोल रहेगी, जोड़ों में दर्द नहीं होगा और पेट ठीक रहेगा।

अमृत समान है छाछ

तेज और ओज बढ़ने के लिए छाछ का निरंतर सेवन बहुत हितकर हैं। सुबह और दोपहर के भोजन में नित्य छाछ का सेवन करें। भोजन में पानी के स्थान पर छाछ का उपयोग बहुत हितकर है।

दांतों तले रखे छोटी हरड़

हर रोज़ एक छोटी हरड़ भोजन के बाद दांतों तले रखे और इसका रस धीरे धीरे पेट में जाने दें। जब हरड़ बिलकुल नरम पड़ जाए तो चबा चबा कर निगल लें। इस से बाल कभी सफ़ेद नहीं होंगे। दांत 100 वर्ष तक निरोगी रहेंगे और पेट के रोग नहीं होंगे। कहते हैं कि सभी रोग पेट से ही जन्म लेते हैं तो पेट पूर्ण स्वस्थ रहेगा तो बीमारियां भी दूर रहेंगी।

दालचीनी और शहद

सर्दियों में चुटकी भर दालचीनी की फांकी चाहे अकेले, चाहे शहद के साथ दिन में दो बार लेने से अनेक रोगों से बचाव होता है।

नाक में तेल

रात को सोते समय नित्य सरसों का तेल नाक में लगाएं और 5–5 बूंदे बादाम रोगन की या सरसों के तेल की या गाय के देसी घी की हर रोज़ नाक में डालें।

कानों में तेल

सर्दियों में हल्का गर्म और गर्मियों में ठंडा सरसों का तेल तीन बूँद दोनों कान में कभी कभी डालते रहे। इस से कान स्वस्थ रहेंगे।

लहसुन की कली

दो कली लहसुन रात को भोजन के साथ लेने से यूरिक एसिड, हृदय रोग, जोड़ों के दर्द, कैंसर आदि भयंकर रोग दूर रहते हैं।

तुलसी और काली मिर्च

प्रात: दस तुलसी के पत्ते और पांच काली मिर्च नित्य चबाएं। सर्दी, बुखार, श्वांस रोग, अस्थमा नहीं होगा। नाक स्वस्थ रहेगी।

सौंठ बचाएगी रोगों से

सामान्य बुखार, फ्लू, जुकाम और कफ से बचने के लिए पिसी हुई आधा चम्मच सौंठ और ज़रा सा गुड़ एक गिलास पानी में इतना उबाले कि आधा पानी रह जाए। रात को सोने से पहले यह पिए। बदलते मौसम, सर्दी व वर्षा के आरम्भ में यह पीना रोगो से बचाता हैं। सौंठ नहीं हो तो अदरक का उपयोग किया जा सकता है।

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