सुनील शर्मा

जयपुर. औषधीय गुणों का खजाना है अर्जुन का पेड़। इसकी छाल भी बेहद कारगर है। छाल का पाउडर हृदयरोग, क्षय, कफ, पित्त, कोलेस्ट्रॉल तथा मोटापे का दुश्मन है। खूबसूरती निखारने, झाइयां, पेट दर्द, कान का दर्द, खांसी, श्वेतप्रदर और टीबी में भी यह रामबाण सिद्ध होती है।

फूलती है सांस तो पीजिए चाय

यह हृदय रोगियों के लिए बहुत लाभकारी है। जिनका कोलेस्ट्रॉल बढ़ा होता है, थोड़ी देर पैदल चलते ही जिनकी सांस फूलने लगती है। उन्हें अर्जुन छाल की चाय पीनी चाहिए। ये धमनियों में जमने वाले कोलेस्ट्रॉल और ट्रायग्लिसराइड को कम कर देती है।

काबू में आ जाता है मधुमेह

डायबिटीज़ रोगी देसी जामुन में समान मात्रा में अर्जुन छाल मिलाकर पीस लें और इस चूर्ण को रोजाना सोने से पहले गुनगुने पानी के साथ पिएं।

कम करता है मोटापा

अगर मोटापा कम करना है तो अर्जुन छाल का काढ़ा पिएं। इससे पाचन तंत्र सही बना रहता है। इसका असर जल्दी ही आपको दिखने लगेगा। इम्यून सिस्टम भी मजबूत बना रहता है।

मुंह के छालों को करे दूर

अर्जुन पेड़ की छाल पेट को साफ करती है, क्योंकि इसकी तासीर ठंडी होती है। अगर इसका सेवन रोजाना किया जाए, तो मुंह में कभी छाले नहीं होंगे। इसके अलावा यह हाई ब्लड प्रेशर की समस्या को भी दूर करती है।

एसिडिटी से दिलाए राहत

अर्जुन छाल एसिडिटी से राहत दिलाने में भी बहुत मददगार होती हैं। 10-20 मिली अर्जुन छाल के काढ़े का नियमित सेवन करने से उदावर्त्त या पेट की गैस ऊपर आती है और एसिडिटी से राहत मिलती है। अर्जुन छाल को 2 कप पानी में डालकर उबाल कर पीने से मूत्र रुकावट रोग में जल्द फायदा मिलता है। इस उपाय को दिन में एक बार करें।

त्वचा के लिए भी फायदेमंद

अर्जुन छाल सेहत और सुंदरता दोनों के लिए गुणकारी है। त्वचा की खूबसूरती बरकरार रखनी हैं तो अर्जुन छाल का पाउडर और कपूर मिलाकर चेहरे पर लगाएं। जब पेस्ट सूख जाए, तो चेहरे को साफ पानी से धो लें। पुरानी खांसी से परेशान है तो अर्जुन छाल का सेवन करना चाहिए। इससे ये समस्या खत्म हो जाएगी। अगर पीलिया की समस्या है तो अर्जन छाल के चूर्ण को घी में मिलाकर सुबह शाम लेने का प्रावधान है।

हड्डियों को बनाए मजबूत

हड्डी टूट जाने पर अर्जुन छाल के चूर्ण को दूध के साथ लेने से हड्डी जल्दी जुड़ जाती है। यहीं नहीं छाल के चूर्ण को घी में पीस कर पट्टी बांधने से भी आराम मिलता है। अर्जुन का काढ़ा या अर्जुन छाल की चाय बनाकर पीने से सूजन कम होती है।

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