नई दिल्ली. सदियों से भारत के अमीर धर्मशाला, मंदिर बनवाने के साथ ही लंगर चलाने के लिए मशहूर रहे हैं लेकिन अब वे गरीबों को बेहतर जीवन गुजारने लायक बनाने के लिए अपनी तिजोरियों का मुंह खोलते हैं। तिजोरी का मुंह खोलकर दुनिया भर में मशहूर हुए विप्रो के अजीम प्रेमजी दान देने में शीर्ष पर हैं तो पिछले साल के मुकाबले बिड़ला परिवार और हिंदुजा भाइयों ने भी दान की राशि बढ़ा दी है।

एडेलगिव हुरुन इंडिया ने सबसे बड़े दानियों की जो सूची बनाई है उसमें विप्रो के संस्थापक अजीम प्रेमजी सबसे ऊपर हैं। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में इस साल 7,904 करोड़ रुपये दान किए। प्रेमजी ने कोरोना महामारी से निपटने के मद में भी बड़ी राशि दान की।
बीते वर्षों की तरह इस साल भारत में दान का सबसे बड़ा हिस्सा शिक्षा के क्षेत्र में गया। इसमें एचसीएल टेक्नॉलजीज के शिव नाडर ने 795 करोड़ दिए। नाडर के दान से करीब 30,000 छात्रों को सीधा लाभ मिला।

प्रेमजी ने दिए 7904, मुकेश ने सिर्फ 468 करोड

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और सबसे धनी भारतीय मुकेश अंबानी ने आपदा राहत के क्षेत्र में बड़े दान का एलान करते हुए 458 करोड़ की राशि पीएम केयर्स फंड को दी। इसके अलावा महाराष्ट्र और गुजरात राज्य सरकारों को भी कोविड से निपटने के लिए 5-5 करोड़ का दान दिया। आदित्य बिड़ला समूह ने बीते एक साल में 276 करोड़ का दान दिया। हुरुन की सूची में चौथे नंबर पर मौजूद बिड़ला समूह ने पीएम केयर्स फंड में करोड़ों का दान दिया और 50 करोड़ की राशि एन95 मास्क, पीपीई किट और वेंटिलेटरों की सप्लाई के लिए मुहैया कराए।

वेदांता समूह के संस्थापक और अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने 215 करोड़ स्वास्थ्य के लिए दान किए। उनका फाउंडेशन शिक्षा और कंप्यूटर सिखाने के क्षेत्र में भी सक्रिय है। पीरामल समूह के अजय पीरामल ने इस साल 196 करोड़ रुपये शिक्षा के मद में दान किए। अप्रैल में पीएम केयर्स फंड में बड़ा योगदान दिया। इंफोसिस संस्थापक नंदन निलेकणि ने 159 करोड़ रूपए टिकाऊ विकास योजनाओं पर खर्च किए। हिंदुजा भाइयों ने 133 करोड़ का दान स्वास्थ्य लिए दिया।

अडानी ने अंटी से सिर्फ 88 करोड निकाले

अडानी को 88 करोड़ के दान के साथ हुरुन रिपोर्ट की सूची में नौंवां स्थान मिला है। ऑटो कंपनी बजाज के फाउंडेशन ने 74 करोड़ की राशि जीविका सुधारने के लिए खर्च की। नंदन निलेकणि की पत्नी रोहिनी निलेकणि 47 करोड़ का दान देकर महिलाओं में सबसे आगे रहीं। सबसे बड़े दानियों की सूची में कुल सात महिलाओं ने जगह बनाई। इनमें थर्मेक्स कंपनी की अनु आगा एंड फैमिली के 36 करोड़ के दान के अलावा बायोकॉन की किरण मजूमदार शॉ का 34 करोड़ का दान भी शामिल है।

ऐसे बनी सूची

हुरुन रिपोर्ट के लिए भारत के 1,000 से भी अधिक सफल उद्यमियों का सर्वे किया गया। मीडिया रिपोर्टों और चैरिटी फाउंडेशन से मिली जानकारी के साथ क्रॉस चेक किया। रिपोर्ट तैयार करने में व्यक्तियों, फाउंडेशनों, कंपनियों की ओर से दिए गए दान में नकद और 1 अप्रैल 2018 से 31 मार्च 2019 के बीच इस मद में दी गई लिखित प्रतिबद्धता को शामिल किया है।

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