नई दिल्ली. राष्ट्रीय राजधानी से सटे नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद सहित एनसीआर में प्रदूषण से मंगलवार को दिन में भी अंधेरा छा गया। इसी के साथ एनसीआर के 14 शहर डार्क जोन या खतरनाक श्रेणी में आ गए हैं।
प्रदूषण सूचकांक ऐप समीर के अनुसार राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र का नोएडा सबसे ज्यादा प्रदूषित शहर रहा। यहां वायु गुणवत्ता सूचकांक 492 दर्ज किया गया। इसी प्रकार दिल्ली का वायु गुणवत्ता सूचकांक 487, गाजियादबाद का 474, आगरा का 445, हापुड़ का 402, फरीदाबाद का 476, गुरुग्राम का 466, बहादुरगढ़ का 443 और भिवानी का वायु गुणवत्ता सूचकांक 479 दर्ज किया गया। मुरथल में 414, रोहतक में 478 और बागपत में वायु गुणवत्ता सूचकांक 481 दर्ज किया गया। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के 14 शहर डार्क जोन व खतरनाक स्थिति में हैं।

अधिकारियों के अनुसार वायु प्रदूषण का मुख्य कारण महंगी डीजल गाड़ियों से निकलने वाला धुआं, निर्माण गतिविधियों और सड़कों पर से उड़ने वाली धूल है। पड़ोसी राज्यों में जलाई जा रही पराली भी कोढ़ में खाज पैदा कर रही है। नोएडा प्राधिकरण और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने गत दिनों एनजीटी के नियमों के उल्लंघन और प्रदूषण फैलाने पर अलग-अलग एजेंसियों पर 29 लाख आठ हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। उल्लेखनीय है कि 0 और 50 के बीच वायु गुणवत्ता सूचकांक को ‘अच्छा’, 51 और 100 के बीच ‘संतोषजनक’, 101 और 200 के बीच ‘मध्यम’, 201 और 300 के बीच ‘खराब’, 301 और 400 के बीच ‘बेहद खराब’ और 401 से 500 के बीच ‘गंभीर’ श्रेणी में माना जाता है।

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