नई दिल्ली. उत्तरप्रदेश में मंदिर में पूजा करने गई महिला के साथ मंदिर के महंत समेत तीन लोगों ने गैंगरेप किया। तीनों ने उसके साथ हैवानियत करते हुए उसके प्राइवेट पार्ट को लोहे की रॉड डालकर बुरी तरह क्षतिग्रस्त किया। मर चुकी महिला की लाश फेंकने से पहले उसके प्राइवेट पार्ट में कपड़ा ठूंस दिया। इस हैवानियत के बावजूद पुलिस ने महिला की लाश उसके घर के बाहर से 17 घंटे से ज्यादा समय बाद उठाई।

ये वारदात बदायूं जिले की है। 3 जनवरी की शाम 50 साल की आंगनबाड़ी सहायिका मंदिर में पूजा करने गई थी। तभी मंदिर के महंत सत्यनारायण, चेला वेदराम व ड्राइवर जसपाल ने गैंगरेप किया और रात को अपनी गाड़ी से आंगनबाड़ी सहायिका की खून से लथपथ लाश उसके घर फेंक कर फरार हो गए।

उघैती थाना पुलिस को सूचना देने के बाद भी पुलिस परिजनों से थाने के चक्कर कटवाती रही। पुलिस ने पहले तो आंगनबाड़ी सहायिका की गैंगरेप के बाद हत्या की घटना को झूठा बताकर कुएं में गिरने से मौत होने की बात कही। इसी दौरान रात से सुबह हो गई लेकिन पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की।
महिला की लाश घर के बाहर 17 घंटे से ज्यादा देर तक पड़ी रही। लेकिन इस बीच गांववालों का गुस्सा फूट पड़ा। वे महिला की लाश लेकर थाने पहुंचे और हंगामा किया तब जाकर पुलिस की नींद टूटी और महंत सत्यनारायण, चेला वेदराम व ड्राइवर जसपाल के खिलाफ गैंगरेप के बाद हत्या की धाराओं में केस दर्ज किया।

पुलिस ने 4 जनवरी को केस दर्ज करने के बाद भी महिला के शव का पोस्टमॉर्टम नहीं कराया गया। शव का पोस्टमॉर्टम 5 जनवरी को हुआ, तब तक घटना के करीब 48 घंटे बीत चुके थे। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। एसएसपी संकल्प शर्मा ने लापरवाह थानाध्यक्ष राघवेंद्र प्रताप को निलंबित कर दिया है। 2 आरोपी फरार है। जिनकी तलाश जारी है।

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