नई दिल्ली. बिहार में चुनाव लड़ने वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) भाजपा की बी टीम है और उसकी चुनावी सम्भावनाएं शून्य हैं। असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली इस पार्टी का विधानसभा चुनाव में कोई असर नहीं होगा क्योंकि लोग अपना वोट बर्बाद नहीं करेंगे।

मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बिहार प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष मदन मोहन झा ने यह दावा किया है। उन्होंने उम्मीद जताई कि तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन को इस चुनाव में पूर्ण बहुमत मिलेगा और कांग्रेस 2015 के चुनाव से भी बेहतर प्रदर्शन करेगी। एआईएमआईएम, महागठबंधन के वोट में कोई सेंधमारी नहीं कर पाएगी क्योंकि मतदाता अकलमंदी के साथ वोट करेंगे और अपना वोट बर्बाद नहीं करेंगे।
विधानसभा चुनाव के तीसरे चरण में उन क्षेत्रों में मतदान मतदान होगा जहां मुस्लिम आबादी अच्छी-खासी संख्या में है और एआईएमआईएम ने कई सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए हैं।

चुनाव में एआईएमआईएम ने उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक समता पार्टी, बसपा एवं कुछ अन्य दलों के साथ मिलकर ग्रैंड डेमोक्रेटिक सेक्युलर अलांयस का गठन किया है। कुशवाहा इस गठबंधन की तरफ से मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार हैं। ओवैसी और उनके सहयोगियों को वोट कटवा करार देते हुए झा ने इस बात पर जोर दिया कि सबको पता है कि इन्हें कौन गाइड कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एआईएमआईएम भाजपा की बी टीम है और दोनों मिले हुए हैं। झा ने कहा कि महागठबंधन की पूर्ण बहुमत की सरकार बनेगी। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा पूर्ण बहुमत मिलेगा और किसी की जरूरत नहीं पड़ेगी। बिहार में तीसरे और आखिरी चरण का मतदान सात नवंबर को होगा। 10 नवंबर को मतगणना होगी।

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