नई दिल्ली. बाम्बे हाईकोर्ट ने इंटीरियर डिजाइनर की कथित आत्महत्या से जुड़े मामले में गिरफ्तार रिपब्लिक टीवी के एडिटर इन चीफ अर्णब गोस्वामी को जमानत देने से इनकार कर दिया है। कोर्ट ने गोस्वामी की अंतरिम जमानत याचिका सोमवार को खारिज कर दी है। वह 4 नवंबर से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में है। अर्णब के साथ दो अन्य आरोपियों की भी याचिका खारिज की गई है।

रेगूलर जमानत का विकल्प उपलब्ध

अदालत गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों फिरोज शेख तथा नीतीश सरदा द्वारा मामले में उनकी ‘गैरकानूनी गिरफ्तारी’ को चुनौती देने और अंतरित जमानत के अनुरोध से जुड़ी याचिका पर सुनवाई कर रही थी। न्यायालय ने कहा कोई भी मामला संविधान के अनुच्छेद 226 के तहत उच्च न्यायालय को असाधारण क्षेत्राधिकार के प्रयोग के लिए नहीं है। रेगूलर जमानत का विकल्प उपलब्ध है।

पीठ का कहना है कि उसने यह भी स्पष्ट कर दिया था कि मामला याचिकाकर्ता के वैकल्पिक उपायों पर रोक की वजह नहीं बनेगा। न्यायमूर्ति एस. एस. शिंदे और न्यायमूर्ति एम. एस. कार्णिक की खंडपीठ ने कहा कि मौजूदा मामले में उच्च न्यायालय द्वारा असाधारण अधिकार क्षेत्र के प्रयोग किए जाने का कोई मामला नहीं बनता है।

उपलब्ध हैं कानून के तहत राहत पाने के उपाय

अदालत ने कहा कि गोस्वामी के पास कानून के तहत राहत पाने का उपाय है और वह संबंधित सत्र अदालत से सामान्य जमानत मांग सकते हैं। उच्च न्यायालय ने अंतरिम जमानत अर्जी पर अपना फैसला शनिवार को सुरक्षित रखते हुए कहा था कि मामले के अदालत में लंबित होने का यह मतलब नहीं है कि आरोपी सत्र अदालत से सामान्य जमानत का अनुरोध नहीं कर सकते। गोस्वामी, फिरोज शेख और नीतीश सरदा को अलीबाग पुलिस ने आरोपियों की कंपनी द्वारा बकाया राशि का कथित रूप से भुगतान नहीं किए जाने के कारण 2018 में अन्वय नाइक और उनकी मां की आत्महत्या के मामले में चार नवंबर को गिरफ्तार किया था।

मजिस्ट्रेट ने कर दिया था इनकार

इससे पहले मुंबई स्थित आवास से गिरफ्तार किए जाने के बाद गोस्वामी को अलीबाग ले जाया गया जहां मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (मजिस्ट्रेट) ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेजने से इंकार कर दिया। अदालत ने गोस्वामी और दो अन्य आरोपियों को 18 नवंबर तक न्यायिक हिरासत में भेज दिया। गोस्वामी को शुरुआत में एक स्थानीय स्कूल में रखा गया जो अलीबाग जेल के लिए अस्थाई कोविड-19 केन्द्र का काम कर रहा है। न्यायिक हिरासत में कथित रूप से मोबाइल फोन का उपयोग करते पकड़े जाने पर गोस्वामी को रायगड जिले की तालोजा जेल भेज दिया गया। उच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि आरोपी (गोस्वामी) इसके लिए निचली अदालत में जा सकते हैं और संबद्ध अदालत निश्चित समय सीमा में उनकी अर्जी पर सुनवाई करेगी।

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