नई दिल्ली. कांग्रेस मोदी सरकार के खिलाफ फिर एक आरोप लेकर आई है। पार्टी का कहना है कि त्योहारी मौसम में खाद्य तेल महंगाई का रिकार्ड तोड़ रहे हैं और सरकार उपभोक्ताओं को बाजार के हवाले करके दायित्व पूरा करने की अपेक्षा भाग खड़ी हुई है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि त्योहारों के मौसम में खाने के तेल के दामों में बेतहाशा बढ़ोतरी हुई है, लेकिन सरकार कीमतें नियंत्रित करने के अपने दायित्व से पीछे भाग गई है।

पार्टी प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने संवाददाताओं से कहा कि हम देख रहे हैं कि त्योहारों के मौसम में खाने के तेल के दाम में आग लगी हुई है। सरसों का तेल एक साल पहले 80 रुपये प्रति लीटर था वो आज 120 रुपये प्रति लीटर मिल रहा है। यही हाल सूरजमुखी और मूंगफली के तेल की भी है।

सुप्रिया ने कहा कि ये सरकार दायित्व था कि आप दामों को कम करें, किसानों की आय दोगुनी करें, लेकिन आप अपने दायित्व से भाग गए हैं। उन्होंने सवाल किया कि क्या सरकार इसे जायज ठहरा सकती है कि गरीब लोगों को खाने के उपयोग में लाए जाने वाले तेल के लिए ज्यादा पैसे देने पड़ें? कांग्रेस प्रवक्ता ने दावा किया कि इस सरकार को लोगों को राहत देने के लिए नीति और नियम बनाना नहीं आता इसलिए आम लोगों की दिक्कत बढ़ रही है।

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