इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम की ओर से आयोजित कार्यक्रम में दुनिया की चुनिंदा इंटरनेट हस्तियों ने भारत की भूरि—भूरि प्रशंसा की. दूसरे शब्दों में कहें तो भारत को खुश करके यहां व्यापार में रियायत प्राप्त करना उनका लक्ष्य है. इन हस्तियों ने भारत की तारीफ इसलिए भी की क्योंकि भारत में 800 मिलियन से अधिक ब्रॉडबैंड यूजर हैं. यानी फिलवक्त भारत दुनिया का सबसे बड़ा इंटरनेट यूजर मार्केट है. इस यूजर के बीच अपनी पहुंच बढ़ा कर वे इतना कमा सकते हैं, जितनी उन्होंने कल्पना भी नहीं की होगी.

इस खबर की जान है ये आंकडा

यह आंकड़ा भी बहुराष्ट्रीय कंपनियों को लुभाता है कि भारत में 5जी और भारत नेट की सबसे बड़ी ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी नेटवर्क परियोजना में 1.2 बिलियन यूजर होंगे. ये संख्या इंटरनेट की वैश्विक दुनिया का रिकार्ड होगी.

इसी वजह से कार्यक्रम में केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY), कौशल विकास और उद्यमिता, राज्यमंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने गर्व के साथ टिप्पणी की भारत 800 मिलियन से अधिक ब्रॉडबैंड यूजर्स के साथ दुनिया का सबसे बड़ा ‘कनेक्टेड’ देश है.

आयोजन में शामिल था इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY)

इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम IIGF’22 ने 11 दिसंबर को वैश्विक इंटरनेट गवर्नेंस इकोसिस्टम में सरकार, उद्योग, नागरिक समाज, शिक्षा क्षेत्र के लोगों के साथ विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की. तीन दिवसीय आयोजन की समाप्ति पर इंडिया इंटरनेट गवर्नेंस फोरम 2022 (IIGF2022) ने बताया कि तीन दिवसीय कार्यक्रम 9 दिसंबर से 11 दिसंबर 2022 तक चला.
इस दौरान इंटरनेट के अतीत, वर्तमान और भविष्य से संबंधित मुद्दों पर कार्यक्रम में आए विशेषज्ञों के साथ चर्चा हुई. IIGF का संचालन इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY), NIXI और मल्टीस्टेकहोल्डर ग्रुप ने किया. IIGF 2022 थीम ‘भारत को सशक्त बनाने में तकनीक का लाभ उठाना’ थी.

कार्यक्रम में डिजिटलीकरण रोडमैप पर चर्चा के साथ इंटरनेट गवर्नेंस पर अंतर्राष्ट्रीय नीति में भारत की भूमिका और महत्व पर भी चर्चा हुई. IIGF आयोजन भारत में डिजिटलीकरण रोडमैप, अवसरों, संभावनाओं और चुनौतियों पर केंद्रित था.

इंटरनेट के जनक डॉ. विंट सर्फ ने बताया समाधान

इससे पहले केन्द्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी मंत्रालय (MeitY), कौशल विकास और उद्यमिता, राज्यमंत्री राजीव चन्द्रशेखर ने कहा कि “भारत के पास जबरदस्त इंटरनेट की पहुंच है. इसी के चलते जी20 की अध्यक्षता के दौरान, प्रधान मंत्री ने घोषणा की कि वे भारत के लिए वैश्विक दक्षिण में उन सभी देशों के लिए मंच की पेशकश करेंगे जो भारत के सहारे अपनी डिजिटल अर्थव्यवस्था और अपने शासन मॉडल को बदलना चाहते हैं. उन्होंने कहा कि वे आश्वासन देना चाहते हैं कि भारत नागरिकों की गोपनीयता, सुरक्षा, डेटा, सुरक्षा और सुरक्षा सुनिश्चित करने पर सर्वाधिक ध्यान देता है. माना जा रहा है कि भारत अगले तीन वर्षों में ट्रिलियन-डॉलर की डिजिटल अर्थव्यवस्था बनाने का लक्ष्य हासिल कर ही लेगा.

वाशिंगटन डीसी से इंटरनेट के जनक डॉ. विंट सर्फ ने कार्यक्रम में डिजिटल हिस्सा लेते हुए कहा कि हमने इंटरनेट को दुनिया तक सफलतापूर्वक पहुँचाया है. हम इंटरनेट के मौजूदा समस्याओं और मुद्दों को सुलझाने के लिए मिलकर काम करेंगे, बहस करेंगे, चर्चा करेंगे. लोगों तक इंटरनेट पहुंचाने के मामले में भारत सबसे आगे है. इसीलिए पूरी दुनिया भविष्योन्मुखी समाधानों के लिए भारत की ओर देख रही है.

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