नई दिल्ली. कोरोना महामारी के दौरान लगातार चौंकाने वाली बातें कहते रहे विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की एक प्रमुख वैज्ञानिक ने कहा है कि भले ही कई देश टीकाकरण शुरू कर रहे हैं लेकिन 2021 में हर्ड इम्युनिटी बनने की संभावना बहुत कम है।

डब्ल्यूएचओ डॉ. सौम्या स्वामीनाथन का कहना है कि बेहद जरूरी है कि निकट भविष्य में भी देश और उनके नागरिक सामाजिक दूरी बनाए रखने तथा अन्य नियमों का पालन करें।

ब्रिटेन, अमेरिका, फ्रांस, कनाडा, जर्मनी, इज़राइल, नीदरलैंड और कुछ अन्य देशों ने हाल ही टीकाकरण शुरू किया है। टीका सबसे संवेदनशील लोगों की रक्षा करने लगेगा, लेकिन 2021 में पॉपुलेशन इम्युनिटी नहीं बन पाएगी।

कुछ देशों में कुछ स्थानों पर यह हो भी जाए तो भी कोरोना से विश्वभर में लोगों को नहीं बचाया जा सकता। हर्ड इम्युनिटी के लिए टीकाकरण की दर 70 प्रतिशत होनी चाहिए, जिससे पूरी आबादी संक्रमण से सुरक्षित हो सकती है।

डब्यूएचओ महानिदेशक के सलाहकार डॉ. ब्रूस एल्वर्ड ने कहा कि संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी को उम्मीद है कि विश्व के कुछ गरीब देशों में इस माह के अंत या फरवरी में कोरोना वायरस का टीकाकरण शुरू हो सकता है। उन्होंने विश्व समुदाय से यह सुनिश्चित करने के लिए अधिक प्रयास करने को कहा कि सभी देशों में टीका पहुंचे।

भारत के दवा नियामक ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन को देश में सीमित आपात उपयोग की मंजूरी दे दी है। कोविशील्ड को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय एवं ब्रिटिश स्वीडिश कंपनी आस्ट्रेजेनेका ने विकसित किया है और उसका उत्पादन सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है। कोवैक्सीन भारत बायोटेक द्वारा विकसित स्वदेशी टीका है।

भारत के दवा नियामक ने कोविशील्ड और कोवैक्सीन को देश में सीमित आपात उपयोग की मंजूरी दी थी। कोविशील्ड को ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय एवं ब्रिटिश स्वीडिश कंपनी आस्ट्रेजेनेका ने विकसित किया है और उसका उत्पादन सेरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया ने किया है। कोवैक्सीन भारत बायोटेक द्वारा विकसित स्वदेशी टीका है।

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