अंगदान की मिसाल

जयपुर. स्टेट ऑर्गन एण्ड टिस्यू ट्रांसप्लांट ऑर्गेनाइजेशन ‘सोटो’ और सवाई मानसिंह अस्पताल प्रबंधन के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को एक ब्रेन डेड 16 वर्षीय बालक के अंगदान से जिंदगी और मौत से जूझ रहे चार लोगों नई जिंदगी मिल गई।

सवाई मानसिंह अस्पताल में इलाज के दौरान एक 16 वर्षीय बालक की मौत हो गई। टोंक जिले के उनियारा निवासी इस बालक को 7 नवम्बर को ब्रेन डेड घोषित कर दिए जाने के बाद सोटो के पदाधिकारियों ने परिजनों को अंगदान के लिए प्रेरित किया। परिजनों के राजी होने पर चिकित्सकों ने अंग प्रत्यारोपण की कबायद शुरू की।

बालक के लीवर और दोनों किडनी को सवाईमानसिंह अस्पताल में पहले से पंजीकृत लोगों को लगाए जाने के लिए बुलाया गया। टिस्यू मैच और अन्य औपचारिकताओं के बाद डॉक्टरों ने बालक के हार्ट को निकाल कर ग्रीन कोरीडोर से एयरपोर्ट पहुंचाकर दिल्ली भेजा। बालक का हार्ट दिल्ली के एक निजी अस्पताल में एक अन्य व्यक्ति को ट्रांसप्लांट किया जाएगा।

बालक के लीवर को 9 बजे और फिर दोनों किडनी निकाली गईं। तीनों अंगों का ट्रांसप्लांट एसएमएस अस्पताल में देर रात किया गया। चिकित्सकों का कहना है कि एक महिला सहित तीन लोगों को लीवर और किडनियां ट्रांसप्लांट की गई हैं।

Leave a comment

Your email address will not be published.