नई दिल्ली. सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में घिर जाने के बाद दक्षिण कश्मीर के कुलगाम जिले में दो आतंकवादियों ने आत्मसमर्पण कर दिया।

पुलिस के अनुसार आतंकवादियों की मौजूदगी की विशेष सूचना के आधार पर तोंगदोनू पहुंचे सुरक्षा बलों ने इलाके का घेराव कर ऑपरेशन शुरू किया। इसी दौरान आतंकवादियों के परिवारों ने उनसे अपने हथियार रखने और आत्मसमर्पण करने की अपील की। लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े दोनों स्थानीय आतंकवादियों ने पुलिस और सुरक्षाबलों के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। उनके पास से दो पिस्तौल और गोला-बारूद सहित कुछ आपराधिक डॉक्युमेंट बरामद हुए।

पुलिस के अनुसार तोंगदोनू में आत्मसमर्पण करने वाले लश्कर के दो स्थानीय आतंकवादियों ने परिवारों की अपील पर हथियार डाल दिए। दोनों से दो पिस्तौल और गोला-बारूद सहित अन्य सामग्री बरामद की गई है।

झारखंड में मारा गया 15 लाख का इनामी

इस बीच झारखंड के खूंटी जिले में सुरक्षा बलों के साथ मुठभेड़ में 15 लाख रुपये का इनामी प्रतिबंधित माओवादी संगठन पीपुल्स लिबरेशन फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआई) का जोनल कमांडर जिंदन गुदिया मारा गया। जिंदन का नाम नक्सली गतिविधियों से संबंधित 100 से ज्यादा आपराधिक मामलों में दर्ज था। जिंदन लंबे समय से वांछित था। एलएफआई में सरगना दिनेश गोप के बाद वह नंबर दो माना जाता था। गोप के सिर एक करोड़ रुपये का इनाम है। मारे गए नक्सली के पास से पुलिस ने एक एके-47 राइफल बरामद की।

पुलिस के अनुसार खूंटी जिले में कोयसनार पहाड़ी पर माओवादी छापामारों की मौजूदगी की सूचना पर राज्य पुलिस और सीआरपीएफ ने संयुक्त अभियान शुरू किया। टीम कोयनासर पहाड़ी पर पहुंची तो नक्सलियों ने गोलीबारी शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में जिंदन गुदिया की मौत हो गई। जबकि अन्य भागने में सफल रहे।

जिंदन ने कथित तौर पर पूर्व उपमुख्यमंत्री और झारखंड छात्र संघ के अध्यक्ष सुदेश महतो को मारने के लिए पांच करोड़ रुपये की सुपारी ली थी। उसने महतो की हत्या के दो असफल प्रयास भी किए थे।

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