नई दिल्ली. भारत और बांग्लादेश उस ब्रॉडगेज रेल मार्ग को फिर से शुरू करेंगे जो 1965 तक कोलकाता से सिलीगुडी के बीच मुख्य रेलमार्ग था। इस लाइन पर चिलाहाटी-हल्दीबाड़ी रेल सम्पर्क को बहाल करने से असम और पश्चिम बंगाल से पड़ोसी देश की यात्रा आसान हो जाएगी।

इस रेलमार्ग को फिर से खोलने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना के साथ ऑनलाइन शिखर बैठक में समझौता किया है। इसके अलावा भारत और बांग्लादेश ने हाइड्रोकार्बन, कृषि, कपड़ा और सामुदायिक विकास जैसे विविध क्षेत्रों में सात समझौतों पर हस्ताक्षर किये। चिलाहाटी-हल्दीबाड़ी रेल सम्पर्क को बहाल करने से असम और पश्चिम बंगाल से बांग्लादेश के लिये सम्पर्क को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। यह कोलकाता से सिलीगुड़ी के बीच 1965 तक मुख्य ब्राडगेज सम्पर्क का एक हिस्सा था।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, बांग्लादेश हमारी ‘पड़ोस प्रथम’ नीति का एक प्रमुख स्तम्भ है। बांग्लादेश के साथ संबंधों में मजबूती और गहराई लाना विशेष प्राथमिकता रही है। मोदी ने कहा कि चाहे वो दवाइयों या चिकित्सा उपकरण या फिर चिकित्सा पेशेवरों का एक साथ काम करने का विषय हो, हमारा सहयोग अच्छा रहा है। टीका के क्षेत्र में भी हमारे बीच अच्छा सहयोग चल रहा है।

बांग्लादेश की प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा,’भारत एक सच्चा दोस्त है। उम्मीद है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था को बेहतर बनाने में भारत महत्वपूर्ण योगदान देगा।’ प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, ‘भूमि सीमा कारोबार में बाधाओं को हमने कम किया। दोनों देशों के बीच सम्पर्क का विस्तार किया गया तथा नए साधनों को जोड़ा गया । यह सब हमारे संबंधों को और मजबूत करने के हमारे इरादों को दर्शाता है। यह मेरे लिए गर्व की बात है कि आज आपके साथ बंगबंधु के सम्मान में एक डाक टिकट का विमोचन, और बापू और बंगबंधु के ऊपर एक डिजिटल प्रदर्शनी का उद्घाटन करने का मौका मिल रहा है। मैं आशा करता हूँ कि बापू और बंगबंधु की प्रदर्शनी हमारे युवाओं को प्रेरणा देगी, इसमें विशेष खंड को कस्तूरबा गाँधी जी और पूजनीय बंगमाता जी को भी समर्पित किया गया है।’

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