नई दिल्ली. किसान आंदोलनकारियों में घुसकर दिल्ली पुलिस पर गोली चलाने की साजिश का भंडाफोड किया गया है। किसानों का दावा है कि पुलिस पर गोली चलाकर किसान आंदोलनकारियों पर सख्ती करवाए जाने की इस साजिश में चार किसान ​नेताओं की हत्या करने का षडयंत्र भी रचा गया है। किसान नेताओं ने एक व्यक्ति को पेश करके उस व्यक्ति से कहलवाया है कि उसके साथियों को राष्ट्रीय राजधानी में ट्रैक्टर परेड के दौरान कथित तौर पर पुलिसकर्मी बनकर भीड़ पर लाठीचार्ज करने को कहा गया था। किसान नेताओं ने उस व्यक्ति को हरियाणा पुलिस के हवाले कर दिया।

चार किसान नेताओं की हत्या की साजिश

किसान नेता कुलवंत सिंह संधू का आरोप है कि कृषि कानूनों के खिलाफ जारी आंदोलन को बाधित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों ने जिस व्यक्ति को पकड़ने का दावा किया उसका चेहरा नकाब से ढका था। उसने दावा किया कि मीडिया में जाना पहचाना चेहरा बन चुके चार किसान नेताओं को मारने की साजिश रची गई। 26 जनवरी को दिल्ली पुलिस के कर्मियों पर गोली चलाकर अशांति पैदा करने की साजिश रची गई ताकि इसकी वजह से प्रदर्शन कर रहे किसानों पर पुलिस सख्त कार्रवाई करती।

दया पर निर्भर हो जाएंगे किसान

नए कृषि कानूनों के खिलाफ दिल्ली की सीमाओं पर हजारों किसान प्रदर्शन कर रहे जिनमें से अधिकतर पंजाब, हरियाणा तथा पश्चिमी उत्तर प्रदेश से हैं। किसान संगठनों का आरोप है कि नए कृषि कानूनों से मंडी और एमएसपी खरीद प्रणालियां समाप्त हो जाएंगी तथा किसान बड़े कॉरपोरेट घरानों की दया पर निर्भर हो जाएंगे।

उच्चतम अदालत ने 11 जनवरी को तीनों नए कृषि कानूनों के अमल पर अगले आदेश तक रोक लगा दी थी और गतिरोध को दूर करने के मकसद से चार-सदस्यीय एक समिति का गठन किया था। फिलहाल, इस समिति में तीन ही सदस्य हैं क्योंकि भारतीय किसान यूनियन के अध्यक्ष भूपिंदर सिंह मान ने खुद को इस समिति से अलग कर लिया था।

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