जयपुर. दुनिया के सबसे बड़े टीकाकरण अभियान के तहत राजस्थान के 167 सेंटरों पर टीकाकरण किया गया। टीकाकरण के दौरान अलवर में तीन हैल्थ वर्करों की तबियत बिगड़ गई। चिकित्सकों का कहना है कि उन्होंने खाली पेट टीका लगवाया था, इसलिए उन्हें चक्कर आ गए। दावा किया गया कि अब तीनों वर्करों की तबियत ठीक है। टीकाकरण अभियान की शुरूआत के साथ ही जयपुर में एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्रिंसीपल सुधीर भंडारी, अजमेर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. वीबी सिंह को पहला टीका लगाया गया।

जयपुर में 21 सेंटरों पर टीके लगाए गए। टीकाकरण के लिए जिन्हें चुना गया, उन्हें मोबाइल पर एसएमएस से जानकारी दी गई। बीकानेर के जिरियेट्रिक सेंटर पर पहला टीका पीबीएम अधीक्षक परमेंद्र सिरोही को लगाया गया। कोटा में भी पहला टीका मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को लगाया गया। उदयपुर में पहला टीका सीएमएचओ दिनेश खराड़ी को लगाया गया।

राज्य में टीकाकरण का पहला चरण 10 दिन चलेगा। इसमें 16, 18, 19, 22, 23, 25, 27, 29, 30 और 31 जनवरी के दिन शामिल हैं। चिकित्सा निदेशक लक्ष्मण सिंह ओला ने बताया कि पहला चरण पूरा होने और केन्द्र सरकार से निर्देश मिलने के बाद सेंटर्स की संख्या बढ़ाई जाएगी।

इससे पहले राज्य में टीकाकरण की शुरूआत मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने की। प्रदेश में पहले चरण में शनिवार को 33 जिलों में 167 जगहों पर इसकी शुरुआत हुई। प्रथम चरण में केवल स्वास्थ्यकर्मियों को यह टीका लगाने का कार्यक्रम हैं। चिकित्सा मंत्री डा रघु शर्मा के अनुसार पहले चरण में राज्य के चार लाख 80 हजार 977 स्वास्थ्यकर्मियों तथा छह हजार से अधिक केन्द्रीय स्वास्थ्यकर्मियों को टीका लगाया जाएगा। 28 दिन बाद इन लोगों को दूसरा टीका लगाया जायेगा। रघु शर्मा के अनुसार विभिन्न चरणों में प्रदेश के सात करोड़ लोगों को ये टीका लगाया जाएगा।

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