नई दिल्ली. दूरसंचार कंपनियों ने सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा निर्देश (एनएसडी) के कार्यान्वयन के बाद नेटवर्क की सुरक्षा में सेंध पर जिम्मेदारी को लेकर चीजें स्पष्ट करने को कहा है। दूरसंचार ऑपरेटरों ने कहा है कि एनएसडी के लागू होने के बाद यदि सुरक्षा में सेंध लगती है तो कौन सी इकाई को इसके लिए जिम्मेदार माना जाएगा। दूरसंचार ऑपरेटरों ने करीब डेढ़ सप्ताह पहले राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (एनएससीएस) की बैठक विश्वसनीय उत्पादों की रूपरेखा पर काम करने के लिए बुलाई थी। इस बैठक में दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के वरिष्ठ नियामकीय अधिकारियों ने अपने विचार रखे।

सरकार बताए कि क्या दिशा-निर्देश हैं ?

एक निजी ऑपरेटर के अधिकारी ने कहा कि दूरसंचार कंपनियां चाहती हैं कि यदि सरकार नेटवर्क में लगाए गए विश्वसनीय उत्पादों की सूची बनाती है तो नेटवर्क में सेंध की स्थिति में किसकी जिम्मेदारी होगी। इसको लेकर दिशानिर्देश स्पष्ट होने चाहिए।

मौजूदा नियमों के तहत नेटवर्क की सुरक्षा में सेंध की जिम्मेदारी दूरसंचार ऑपरेटर की होती है। एक अन्य अधिकारी ने कहा कि दो निजी कंपनियों ने सरकार से कहा है कि यदि चीन के उपकरणों पर रोक लगाई जाती है तो सरकार को मूल्य प्रतिस्पर्धा सुरक्षा सुनिश्चित करनी होगी।

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