नई दिल्ली. अक्सर इंटरनेट आधारित टैक्सी सेवा ओला एवं उबर टैक्सी बुक करने वालों के लिए राहत की खबर, अब टैक्सी ड्राईवर बुकिंग कैंसिल करेगा तो उससे भी सौ रुपए की वसूली होगी। इसके अलावा वे सर्जिंग प्राइस के नाम पर अनाप-शनाप वसूली नहीं कर पाएंगी। मूल किराए से डेढ़ गुना से अधिक लेने पर सरकार उनकी मुश्कें कस देगी।
असल में पिछले कई वर्षों से लगातार मिल रही शिकायतों को देखते हुए केन्द्र सरकार ने तय किया है कि अब कानूनी निगरानी अर्थात लाइसेंस के बिना कोई भी एग्रीगेटर टैक्सी सर्विस नहीं चला पाएगा।

डेढ़ गुना से अधिक लिया तो…..

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने मोटर वाहन (संशोधन) अधिनियम, 2019 और मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की संशोधित धारा 93 के तहत मोटर वाहन एग्रीगेटर दिशानिर्देश, 2020 जारी करते हुए कंपनियों द्वारा ग्राहकों से लिए जाने वाले किराये की संरचना तय करने के दिशानिर्देश सख्त बना दिए हैं। कैब सेवाओं के परिचालन के लिए राज्यों को केंद्र द्वारा तय दिशानिर्देशों का पालन करना होगा। नहीं करने पर जुर्माना लगाए जाने का प्रावधान है। ओला एवं उबर सहित इंटरनेट आधारित टैक्सी सेवा देने वाली कंपनियां अत्यधिक मांग के समय मूल किराये से 1.5 गुना अधिक किराया नहीं ले पाएंगी।

अगर बुकिंग स्वीकार करने के बाद कैब चालक इसे रद्द करता है तो उस स्थिति में कुल किराये का 10 प्रतिशत जुर्माना (अधिकतम 100 रुपये) लगाया जाएगा। अगर यात्री बुकिंग रद्द करता है तो उस पर भी इतना ही जुर्माना लगाया जाएगा। यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं कर पाने पर कैब सेवा प्रदाता कंपनी का परिचालन लाइसेंस निलंबित हो सकता है। यात्री से लगातार अधिक किराया वसूला जाने है और कंपनी चालक के प्रति अपनी जवाबदेही पूरी करने में विफल रहती है तो उस स्थिति में भी लाइसेंस रद्द किया जा सकता है।

केवाईसी के बिना साझा नहीं होगी कैब

अगर किसी कैब प्रदाता कंपनी का लाइसेंस किसी वित्त वर्ष में तीन बार से अधिक बार निलंबित रहता है तो लाइसेंस रद्द कर दिया जाएगा और कंपनी को तत्काल प्रभाव से परिचालन रोक देना होगा। कैब सेवा प्रदाता कंपनी यात्रियों को कैब साझा करने की सुविधा दे सकती है। हालांकि ये सेवा उन्हीं यात्रियों को दी जा सकेगी जिनके बार में सारी जानकारी (केवाईसी) उपलब्ध रहेगी। कैब कंपनी उन्हीं यात्रियों को कैब साझा करने की सुविधा देंगे जो एक ही मार्ग से होकर जाएंगे, लेकिन अलग-अलग गंतव्यों पर उतरेंगे। कैब साझा करने वाली महिलाएं चाहें तो वे केवल महिला यात्रियों के साथ इस सेवा का उपयोग कर पाएंगी। कैब कंपनियों को यह विकल्प उपलब्ध कराना होगा।

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