नई दिल्ली. पूरे देश के व्यापार को निगलने की कोशिश कर रहा जीएसटी आपराधिक मानसिकता वाले लोगों के लिए सोने की खदान सिद्ध हो रहा है। वे जीएसटी इनपुट टैक्स क्रेडिट में घपला करके करोड़ों का घपला कर रहे हैं।

इसी कड़ी में जीएसटी सतर्कता महानिदेशालय (डीजीजीआई) नागपुर ने 25.22 करोड़ रुपये के फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट सहित 290.70 करोड़ रुपये के धोखाधड़ी वाले लेनदेन का पता लगाया है। डीजीजीआई के अनुसार एक निजी कंपनी की तलाशी के बाद इसका पता लगा। एक व्यक्ति को गिरफ्तार भी किया गया है।

मुंबई स्थित एक कंपनी मेसर्स एम एंड एम एडवाइजर्स एंड कंसल्टेंट्स प्राइवेट लिमिटेड के परिसरों की तलाशी में मिले दस्तावेजों से पता चलता है कि कंपनी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय चैनलों पर प्रसारण के लिये फिल्म निर्माण घरों के लाइसेंसिंग अधिकारों में लगी हुई थी।

वे शीर्ष बैनरों द्वारा निर्मित फिल्मों के अधिकारों को खरीद रहे थे और इन अधिकारों को अनुबंध प्रणाली के तहत हस्तांतरित कर राइट्स असाइन्जर्स को दे रहे थे, जो इनपुट टैक्स क्रेडिट का लाभ उठा रहे थे। 290.70 करोड़ रुपये के फर्जी लेन-देन और 25.22 करोड़ रुपये के फर्जी आईटीसी राइट्स असाइनर्स को दिये गये। कंपनी के एक निदेशक को पांच दिसंबर को गिरफ्तार किया गया।

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