मोदी सरकार ने जनता के हित में उठाया कदम

नई दिल्ली. बिना किसी कारण कभी भी गुल होने वाली बिजली अब 24 घंटे आएगी क्योंकि केन्द्र सरकार ने ऐसा नियम बना दिया है जिसके चलते 24 घंटे बिजली उपलब्ध नहीं कराने पर बिजली वितरण कम्पनियों को हर्जाना देना होगा।

असल में केन्द्रीय बिजली मंत्रालय ने बिजली ग्राहक अधिकार संरक्षण अधिनियम, 2020 के तहत ऐसे नियम बनाए हैं कि बिजली वितरण करने वाली कंपनियों को मजबूरन 24 घंटे बिजली देनी होगी। ऐसा नहीं करने पर बिजली बिल में कटौती करनी होगी अर्थात उतने समय का बिल अब वो नहीं वसूल पाएंगी जितने समय बिजली गुल रही।

केन्द्रीय पॉवर मिनिस्टर आर के सिंह के अनुसार परफॉर्मेंस स्टैंडर्ड का पालन नहीं करने वाली वितरण कम्पनियों पर जुर्माना लगाया जाएगा। लोडशेडिंग पर भी कंपनियों को जुर्माना देना होगा, लेकिन प्राकृतिक कारणों से बिजली गुल हुई तो कम्पनियां जुर्माने से बच जाएंगी। जल्‍द ही सिर्फ दो डॉक्यूमेंट्स की मदद से बिजली का कनेक्‍शन लिया जा सकेगा। अगर बिजली वितरण कंपनी देर से बिल भेजेगी तो फाइन लेना तो दूर, उसे बिल पर 5% तक की छूट भी देनी होगी।

बिजली वितरण कंपनियों को तय करना होगा कि प्रति कनेक्शन सालाना औसत बिजली कटौती कितनी बार और कितनी देर होगी। इसके लिए सब-डिवीजन स्तर पर शिकायत निवारण फोरम बनाया जाएगा। बिजली बिल का पेमेंट कैश, चेक, डेबिट कार्ड और नेट बैंकिंग से किया जा सकेगा, लेकिन 1000 रुपये या इससे अधिक का बिल सिर्फ ऑनलाइन जमा होगा। बिजली का नया कनेक्‍शन बड़े शहरों में 7 दिन में और नगरपालिका क्षेत्रों में 15 दिन तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 30 दिनों के भीतर देना होगा।

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