नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में राहुल गांधी की फरवरी में प्रस्तावित ताजपोशी से जी23 के रूप में मशहूर कांग्रेस के एक गुट के नेता कपिल सिब्बल ने फिर से पार्टी पर हमला बोल दिया है। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी की मीटिंग के बाद भी आंतरिक चुनाव पर कोई स्पष्ट नीति नजर नहीं आ रही है।

वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल ने कहा कि सोनिया गांधी ने इस पर खुली चर्चा की थी और आंतरिक चुनाव का वादा किया था। लेकिन अबतक इसे लेकर कोई जानकारी नहीं है कि ये कैसे और कब होगा।

सक्रिय नेतृत्व और व्यापक संगठनात्मक बदलाव की मांग को लेकर पार्टी के 23 नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी को एक पत्र लिखा था और उनसे मुलाकात की थी। मुलाक़ात के करीब एक महीने बाद भी आंतरिक चुनाव को लेकर कुछ स्पष्ट नहीं हुआ है।

कपिल सिब्बल ने एक अंग्रेजी अखबार को दिए साक्षात्कार में कहा कि पार्टी को अध्यक्ष के चुनाव पर स्पष्ट नीति और तारीखों की घोषणा करनी चाहिए। उन्होंने किसानों के आंदोलन पर कहा कि इससे बचने एक ही तरीका है कि ऐसा कानून बनाया जाए जो किसान को उसकी उपज का सही एमएसपी दे। उन्होंने कहा कि जब उद्योग को अधिकतम समर्थन दिया जाता है, तब किसान न्यूनतम समर्थन की मांग करके क्या गलत कर रहे हैं?

मोदी सरकार से जुड़े सवालों पर सिब्बल ने कहा यह सरकार जो कुछ भी करती है, वह बिना सोचे समझे करती है। यही नोटबंदी के साथ किया था, जीएसटी के समय भी यही किया और कानून पारित करने से पहले ऐसे ही किया गया। परामर्श के बिना कानून पास कर दिये गए। मुद्दों को भटकाना इस सरकार के डीएनए में है। यह एक सल्तनत के निर्णयों की तरह है। हम मध्यकालीन भारत के दिनों में वापस पहुंच गए हैं।

सोनिया से मुलाकात पर सिब्बल ने कहा दुर्भाग्य से मैं वहां नहीं था क्योंकि उस वक़्त मैं यात्रा कर रहा था। लेकिन मुझे लगता है कि वहां खुली चर्चा हुई थी और जाहिर है कि कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा था कि चुनाव होगा। लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि यह चुनाव कब और कैसे होंगे। हमारा मानना ​​है कि चुनाव संविधान के प्रावधानों के अनुरूप कराए जाएं।

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