नई दिल्ली. गुजरात में राजकोट शहर के मालविया नगर क्षेत्र में एक कोविड अस्पताल में लगी भीषण आग में पांच लोगों की मौत हो गई तथा अन्य 28 झुलस गए।

आनंद बंगला चौक के निकट स्थित तीन मंजिला उदय शिवानंद कोविड सेंटर नामक अस्पताल की पहली मंजिल पर अचानक आग लग गयी। अस्पताल में कुल 33 मरीज भर्ती थे। इससे आईसीयू में भर्ती 11 मरीजों में से पांच लोगों की मौत हो गयी जबकि अन्य आईसीयू के छह मरीजों सहित 28 लोग झुलस गए। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल की छह गाड़ियों के साथ दमकल कर्मी मौके पर पहुंच गए। दमकल कर्मियों ने करीब छह घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया।

सुप्रीम कोर्ट ने बुलाया केन्द्र

राजकोट के सरकारी अस्पताल में आग लगने के बाद सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र को कोर्ट में बुला लिया। सुप्रीम कोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए कहा कि अब वक्त आ गया है, जब भारत में कोरोनावायरस संक्रमण के बढ़ते मामलों को रोकने के लिए नीतियां, दिशा निर्देश और मानक संचालन प्रक्रियाओं को लागू करने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि जुलूस निकाले जा रहे हैं और 80 फीसदी लोग मास्क नहीं पहन रहे हैं। बाकी के मास्क उनके जबड़े पर लटक रहे हैं।

केन्द्र ने शीर्ष अदालत से कहा है कि केन्द्रीय गृह सचिव बैठक सरकारी अस्पतालों के लिए अग्नि सुरक्षा निर्देश जारी करेंगे। केन्द्र ने उच्चतम न्यायालय से कहा कि वर्तमान में कोरोनावायरस संक्रमण के 77 प्रतिशत मामले 10 राज्यों से हैं।

आईसीयू वार्ड में देर रात करीब साढ़े 12 बजे आग लगी और दमकल विभाग ने करीब आधे घंटे में ही इस पर काबू पा लिया। कोरोनावायरस से संक्रमित तीन मरीजों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अन्य दो ने उस समय दम तोड़ दिया जब उन्हें दूसरे अस्पताल ले जाया जा रहा था। प्राथमिक जांच से पता चला है कि आग एक वेंटिलेटर में शॉट-सर्किट की वजह से लगी। अस्पताल के पास एनओसी थी। साथ ही सभी अग्निशमन उपकरण अस्पताल में मौजूद थे। गुजरात सरकार ने वरिष्ठ आईएएस अधिकारी ए. के. राकेश को मामले की जांच का जिम्मा सौंपा है।

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