राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव पर रोक लगाई

नई दिल्ली. महाराष्ट्र के राज्य चुनाव आयोग ने नासिक और नंदूरबार जिलों के उन दो गांवों में पंचायत चुनाव रद्द कर दिया है जिनमें सरपंच पद की बोली लगाई जा रही थी। पंचायत सीटों की नीलामी की शिकायत और वीडियो मिलने के बाद आयोग ने 15 जनवरी को होने वाले चुनाव को रद्द कर दिया।

आयोग को नासिक के उमराने और नंदूरबार के खोंडामली की ग्राम पंचायतों के सरपंच पद और पंचायत सदस्यों के लिए बोली लगने की शिकायतें मिली थीं। शिकायतों के बाद निर्वाचन आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए चुनाव रद्द कर दिया। जानकारी के अनुसार नासिक के उमराने गांव में बोली दो करोड़ रुपये तक लगाई गई। नंदूरबार के खोंडामली सरपंच सीट की नीलामी की रकम 42 लाख रुपये लगी। गांव की आबादी के हिसाब से ग्राम पंचायत में 9 से लेकर 18 सदस्य हैं।

राज्य निर्वाचन आयुक्त यूपीएस मदान ने मीडिया को बताया कि 15 जनवरी को होने वाले चुनाव के पहले दो गांवों में चुनाव रद्द करने की घोषणा की है। आयोग ने जिला अधिकारियों, चुनाव पर्यवेक्षकों और तहसीलदारों से मिली रिपोर्ट का अध्ययन करने और दस्तावेजों और वीडियो देखने के बाद चुनाव प्रक्रिया को रद्द करने का फैसला किया है।

मजे की बात ये कि बोली की पूरी प्रक्रिया को गुप्त नहीं रखा गया था और वीडियो सोशल मीडिया में वायरल होने के बाद भी बोली लगाने वालों को कोई अफसोस नहीं था। राज्य निर्वाचन आयोग ने जिला अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को निर्देश दिया है कि वे भारतीय दंड संहिता की धारा 171 (सी) के मुताबिक संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करें। उल्लेखनीय है कि गत 4 जनवरी को राज्य निर्वाचन आयोग ने नीलामी के वीडियो का संज्ञान लेकर विस्तृत जांच के आदेश दिए गए थे और प्रदेश के सभी जिला अधिकारियों से इस बारे में रिपोर्ट देने को कहा था। आरोप है कि कुछ उम्मीदवारों ने कथित रूप से वादा किया था कि अगर वे सरपंच पद के लिए निर्विरोध चुने जाते हैं तो वे बड़े पैमाने पर गांव के विकास के लिए अपना धन खर्च करेंगे।

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