प्रतीकात्मक फोटो

सामने आई राजस्थान में जेलों की असल तस्वीर

जयपुर. राजस्थान की लगभग सभी जेल अपराधियों के लिए स्वर्ग बन गई हैं। वे जेलों में न सिर्फ ऐश और आराम की जिंदगी बिताते हैं बल्कि वहीं से अपने धंधे भी चलाते हैं। गैंगस्टर जेलों से ही गैंगवार का संचालन भी करते हैं। स्वयं को ताकवर बनाने के लिए ये अपराधी जेल की रोटी नहीं खाते बल्कि जेल प्रशासन की मदद से पौष्टिक भोजन करते हैं।

डेढ़ महीने में जेलों की 2700 बार तलाशी

इस बात की पुष्टि डेढ़ माह में राज्य की जेलों की तलाशी में मिले उन मोबाइल फोन्स ने की है जिन्हें जेलों में 2700 बार सर्च आपरेशन में बरामद किया गया। राज्य के जेल महानिदेशक राजीव दासोत के अनुसार 20 नवंबर से चलाए गए ऑपरेशन फ्लश आउट अभियान के तहत जेल, पुलिस और एसओजी ने जेलों की 2700 बार आकस्मिक तलाशी ली और विभिन्न जेलों में कैदियों के कब्जे से 65 मोबाइल फोन, 18 चार्जर, 29 सिमकार्ड, 16 ईयरफोन एवं 8 डाटा केबल बरामद की गई।

अपराधियों के मददगार हैं जेलर और सिपाही !

हालांकि जेल प्रशासन ने कारागर अधिनियम के तहत मोबाइल फोन समेत अन्य प्रतिबंधित सामग्री मिलने पर कैदियों के खिलाफ पुलिस थानों में एफआईआर दर्ज करा दी है लेकिन जेलों से बरामद हुई ये सामग्री इस बात का सबूत भी सार्वजनिक कर गई कि प्रदेश की जेलों का प्रशासन न सिर्फ भ्रष्ट है बल्कि प्रदेश की कानून-व्यवस्था के लिए चुनौती बन गए अपराधियों का मददगार भी है।

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तीन की नौकरी गई, 18 को घर बिठाया

हालांकि जेल महानिदेशक ने अपराधियों के मददगार जेल कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई भी की है। उन्होंने अपराधियों के मददगार 3 कर्मचारियों को बर्खास्त करने के साथ ही 18 निलम्बित कर दिया है। 44 कर्मचारियों के खिलाफ 16 व 17 सीसीए कार्रवाई के साथ—साथ 20 कार्मिकों का स्थानान्तरण कर दिया है। 67 कर्मठ कर्मियों को प्रशंसा पत्र दिया गया है।

जेल में बना हुआ था कम्फर्ट जोन

जेल महानिदेशक राजीव दासोत ने इस बात की पुष्टि की कि जेलों का भ्रष्ट प्रशासन अपराधियों को आराम पहुंचाने के लिए बढ़िया भोजन और वस्त्र इत्यादि आपूर्ति की दुकान खोले बैठे थे। तलाशी अभियान के दौरान बड़ी में मात्रा में पौष्टिक भोजन सामग्री जब्त की गई। हालांकि उन्होंने सामग्री का खुलासा नहीं किया, लेकिन जयपुर जेल सूत्रों के अनुसार इस सामग्री में ड्राय फ्रूट की भरमार थी। दासोत के अनुसार जेलों में छापे के दौरान 33 हार्डकोर बंदियों को कम्फर्ट जोन से निकालकर अन्य जेलों में स्थानान्तरित किया गया है।

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