जयपुर. लगभग डेढ़ माह बीत जाने के बावजूद राजस्थान के अधिकारी केन्द्र सरकार के उस निर्देश की पालना नहीं कर रहे हैं जिसे प्रदेश में कैंसर की रोकथाम के लिए आवश्यक माना जा रहा है। पिछले महीने 3 दिसम्बर 2020 को केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने राजस्थान के चिकित्सा सचिव को सिगरेट और अन्य तम्बाकू उत्पाद अधिनियम (पैकेजिग और लेबलिंग) कोटपा नियम 2003 की धारा 7 की पालना कराने के निर्देश पत्र लिखकर दिए थे।

निर्देशों के अनुसार सभी प्रकार के तम्बाकू उत्पादों पर 01 दिसम्बर 2020 से नई चित्रात्मक चेतावनी लगाना अनिवार्य है लेकिन राजस्थान में डेढ़ माह बाद भी वैधानिक चेतावनी के पुराने चित्र वाले तंबाकू उत्पाद बिक रहे है। हालांकि कुछ बड़ी कम्पनियों के तम्बाकू उत्पादों पर पिछले सप्ताह से नई ​चित्रात्मक चेतावनी दी जा रही है लेकिन अधिकांश उत्पाद पुरानी चेतावनी के साथ ही बिक रहे हैं।

जानकारी के अनुसार केन्द्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने 3 दिसम्बर 2020 को सभी राज्यों के मुख्य सचिव, अतिरिक्त मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव (गृह व स्वास्थ्य) को पत्र लिख कर सिगरेट व अन्य तंबाकू उत्पाद अधिनियम (कोटपा-2003) की धारा 7 की पालना करवाने के निर्देश दिए थे।

हालांकि राजस्थान के चिकित्सा सचिव सिद्धार्थ महाजन ने गृह सचिव सहित अन्य जिम्मेदार अधिकारियों को 29 दिसम्बर को केन्द्र से मिले पत्र की प्रति भेज दी लेकिन राज्य के किसी भी जिले में आदेशों की पालना नहीं हुई और व्यापारी खुलेआम पुरानी चित्रात्मक चेतावनी वाले तंबाकू उत्पादों को धड़ल्ले से बेच रहे हैं।

राजस्थान कैंसर फाउण्डेशन के चैयरमैन डॉ.राकेश गुप्ता के अनुसार तम्बाकू उत्पादों पर नई चित्रात्मक चेतावनी की पालना में देरी कैंसर से चल रही लड़ाई में बाधा पैदा करेगी। इण्डियन अस्थमा सोसायटी के धर्मवीर कटेवा के अनुसार केन्द्र सरकार ने नई चित्रात्मक चेतावनी की गाइड लाइन अप्रैल 2020 में तंबाकू उत्पादक कम्पनियों को भेज दी थी लेकिन उसकी पालना अब तक नहीं हो पाई है।

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