नई दिल्ली. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने बिहार के वैशाली में युवती को जिंदा जलाने का मामला दबाने पर कहा कि चुनावी फायदे के वास्ते सुशासन की नकली बुनियाद खिसकने से बचाने के लिए अमानवीय कदम ज्यादा बड़ा अपराध और खतरनाक प्रवृति है।

गांधी ने कहा कि यह घटना बिहार विधानसभा के चुनाव के दौरान हुई थी और राज्य सरकार ने सुशासन के अपने झूठे प्रचार पर पर्दा डालने और मतदाताओं को गुमराह करने के लिए खतरनाक कदम उठाया है। गांधी ने ट्वीट किया कि किसका अपराध ज़्यादा ख़तरनाक है-जिसने ये अमानवीय कर्म किया या जिसने चुनावी फ़ायदे के लिए इसे छुपाया ताकि इस कुशासन पर अपने झूठे ‘सुशासन’ की नींव रख सके?

कांग्रेस नेता ने इस ट्वीट के साथ बिहार के हाजीपुर डेट लाइन से छपी एक खबर को पोस्ट किया है जिसमें कहा गया है कि राज्य विधानसभा चुनाव का माहौल खराब नहीं हो इसलिए पुलिस ने युवती को जिंदा जलाने का मामला दबा दिया।

उल्लेखनीय है कि बेतिया से तक़रीबन 190 किलोमीटर दूर वैशाली की अरमिदा (नाम बदला हुआ) का ‘जला हुआ’ मृत शव उसके आंगन में पड़ा है। ये ‘जला हुआ शव’ राज्य में बढ़ती महिला हिंसा के बढ़ते मामलों की एक और तस्वीर है। जली हुई अरमिदा ने ज़िंदगी के लिए 17 दिन लड़ाई की, लेकिन 15 नवंबर को पटना मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल में दम तोड़ दिया।

बीस साल की अरमिदा को 30 अक्तूबर को जला दिया गया था। उस शाम क़रीब 5 बजे अरमिदा घर का कूड़ा फेंकने बाहर गई थीं। पीड़िता के फ़र्द बयान के मुताबिक अरमिदा को गांव के ही सतीश राय, विजय राय, चंदन कुमार ने पकड़कर ‘ग़लत हरकत’ करनी शुरू कर दी जिसका विरोध करने पर सतीश राय ने केरोसिन तेल अरमिदा के शरीर पर छिड़क दिया और आग लगा दी।

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