नई दिल्ली. कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जरिए बालाकोट एयर स्ट्राइक से पहले ही उसकी जानकारी रिपब्लिक टीवी के प्रधान संपादक अर्नब गोस्वामी को मिली लेकिन उन्होंने अपने दावे को लेकर कोई सबूत पेश नहीं दिया।

कांग्रेस नेता ने तमिलनाडु के करूर में एक रोड शो के दौरान कहा कि प्रधानमंत्री और रक्षा मंत्री समेत सिर्फ पांच लोगों को किसी सैन्य कार्रवाई के बारे में पहले से जानकारी रही होगी। कुछ दिनों पहले जानकारी सामने आई कि एक पत्रकार बालाकोट में एयर स्ट्राइक के बारे में पहले से जानता था। पाकिस्तान में भारतीय वायुसेना की ओर से बमबारी किए जाने के तीन दिन पहले ही एक पत्रकार को बता दिया गया कि क्या होने जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि इसका यह मतलब हुआ कि वायुसेना के हमारे पायलटों के जीवन को खतरे में डाला गया।

हमारी वायुसेना के साथ विश्वासघात

उन्होंने आरोप लगाया कि इन लोगों के अलावा किसी अन्य को बालाकोट एयर स्टाइक से पहले इसकी जानकारी नहीं थी। अब मैं यह समझना चाहता हूं कि इसकी जांच आरंभ क्यों नहीं हुई कि बालाकोट की कार्रवाई से पहले इसकी जानकारी एक पत्रकार को किसने दी। कारण यह है कि इन पांच लोगों में से किसी ने इस व्यक्ति को बताया। इनमें से ही किसी ने हमारी वायुसेना के साथ विश्वासघात किया।

कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष ने दावा किया कि अगर प्रधानमंत्री ने ऐसा नहीं किया तो फिर वह जांच का आदेश क्यों नहीं दे रहे हैं। इस बारे में सोचिए। प्रधानमंत्री जांच का आदेश नहीं दे रहे हैं तो इसका सिर्फ एक कारण है कि वह खुद वही व्यक्ति हैं जिसके जरिए यह सूचना पत्रकार तक पहुंची। अगर ऐसा नहीं है तो प्रधानमंत्री को जांच करानी चाहिए और यह बताना चाहिए कि सूचना किसने दी थी।

चीन की सेना भारतीय सीमा के भीतर बैठी

राहुल गांधी ने चीन-भारत सीमा पर गतिरोध को लेकर एक बार फिर प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधा। प्रधानमंत्री ने कहा कि उनका सीना 56 इंच का है। आज चीन की सेना भारतीय सीमा के भीतर बैठी हुई है। हजार किलोमीटर भारतीय जमीन को उन्होंने कब्जे में ले लिया है। इसके बाद भी प्रधानमंत्री की हिम्मत नहीं है कि वह चीन के बारे में एक शब्द बोल दें। कांग्रेस नेता ने दावा किया कि प्रधानमंत्री ने अर्थव्यवस्था को तबाह कर दिया और देश को कमजोर कर दिया, इसलिए चीन इस देश के भीतर घुसने की हिम्मत कर सका।

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