नई दिल्ली. नशीले पदार्थ सेवन और आपूर्ति के आरोप में गिरफ्तार कन्नड़ अभिनेत्री रागिनी द्विवेदी की जमानत याचिका की सुनवाई एक सप्ताह के बाद होगी।

जस्टिस रोहिंगटन फली नरीमन की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के जमानत याचिका निरस्त किये जाने को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका की सुनवाई 19 जनवरी तक के लिए स्थगित कर दी। कर्नाटक उच्च न्यायालय ने पिछले वर्ष नवम्बर में रागिनी द्विवेदी और अन्य की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी थी। जिसके खिलाफ शीर्ष अदालत का दरवाजा खटखटाया गया है।

अभिनेत्री की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्धार्थ लूथरा ने दलीलें रखीं, लेकिन न्यायालय को राज्य सरकार के वकील के अनुरोध पर सुनवाई एक सप्ताह स्थगित कर दी। अब इस मामले की सुनवाई 19 जनवरी को होगी। पुलिस ने रागिनी, संजना गलरानी और अन्य सहअभियुक्तों को पार्टियों में मादक पदार्थ आपूर्ति करने और खुद भी सेवन करने के आरोप में गिरफ्तार किया था।

अमेरिकन पेपाल पर 26 फरवरी तक मांगा जवाब

उधर दिल्ली हाईकोर्ट ने अमेरिकी ऑनलाइन पेमेंट गेटवे पेपाल की याचिका पर वित्तीय खुफिया इकाई का पक्ष पूछा। याचिका में पेपाल ने धन शोधन कानून के कथित उल्लंघन के लिए लगाए गए 96 लाख रुपये के जुर्माने को चुनौती दी है।

जस्टिस प्रतिभा एम सिंह ने वित्तीय खुफिया इकाई को नोटिस जारी किया और 26 फरवरी तक अपना पक्ष रखने के लिए कहा। अदालत ने वित्तीय खुफिया इकाई के उस आदेश पर भी रोक लगा दी जिसके तहत पेपाल को अपने सभी लेनदेन के रिकॉर्ड को बनाए रखने और दो सप्ताह के भीतर उच्च न्यायालय में बैंक गारंटी जमा करने के लिए कहा गया था। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) को भी इस मामले में एक पक्ष बनाया गया है। अदालत ने आरबीआई और वित्त मंत्रालय से एक समिति गठित करने के लिए कहा, जो यह नीतिगत निर्णय लेगी कि क्या इस तरह की इकाइयों को एक रिपोर्टिंग एजेंसी माना जा सकता है और क्या वे धन शोधन निवारण अधिनियम द्वारा शासित होंगी?

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