प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का विपक्षी दलों पर परोक्ष हमला

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा है कि राष्ट्र और समाज के विकास को राजनीतिक चश्मे से ना देखा जाए। जब बड़े उद्देश्य के लिए हम आते हैं तो संभव है, कुछ तत्व इससे परेशान हों। ऐसे तत्व दुनिया की हर सोसाइटी में मिल जाएंगे। यह कुछ ऐसे लोग होते हैं जिनके अपने स्वार्थ होते हैं। वह अपने स्वार्थ को सिद्ध करने के लिए हर हथकंडा अपनाएंगे, नकारात्मकता फैलाएंगे।

अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) के शताब्‍दी समारोह को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने नाम लिए बिना विपक्षी दलों पर निशाना साधा और कहा कि मतभेदों के नाम पर बहुत समय पहले ही गंवाया जा चुका है।

प्रधानमंत्री का यह बयान ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर किसान तीन कृषि कानूनों को रद्द किए जाने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार इस आंदोलन को विपक्षी दलों की साजिश करार देती रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विकास को राजनीतिक चश्मे से नहीं देखा जाना चाहिए क्योंकि राजनीति इंतजार कर सकती है लेकिन विकास इंतजार नहीं कर सकता। हमें समझना होगा कि सियासत सोसाइटी का अहम हिस्सा है। लेकिन सियासत के अलावा भी दूसरे मसले हैं। सियासत और सत्ता की सोच से बहुत बड़ा, बहुत व्यापक किसी देश का समाज होता है। समाज में वैचारिक मतभेद होते हैं लेकिन जब बात राष्ट्रीय लक्ष्यों की प्राप्ति की हो तो मतभेद किनारे रख देने चाहिए। पॉलिटिक्स इंतजार कर सकती है लेकिन देश का विकास इंतजार नहीं कर सकता।

उल्लेखनीय है कि सर सैयद अहमद खान ने 1877 में मोहम्मडन एंग्लो ऑरिएंटल (एमएओ) स्कूल की स्थापना की थी। 1920 में वही स्कूल अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय बना। विश्वविद्यालय कैंपस उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ में 467.6 हेक्टेयर में फैला हुआ है। केरल के मल्लपुरम, पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद-जांगीपुर और बिहार के किशनगंज में इसके अध्ययन केन्द्र हैं।

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