नई दिल्ली. कृषि कानूनों को कारपोरेट समर्थक मानकर पंजाब में जियो टॉवरों की बिजली काटने से प्रदेश में कनेक्टिविटी की समस्या उठ खड़ी हुई है। इससे एक तरफ ऑनलाइन पढ़ाई कर रहे छात्रों को दिक्कत हो रही है, वहीं आम लोग भी इसके असर से अछूते नहीं है। इसी के चलते पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को किसानों से अपील करनी पड़ी है कि किसान मोबाइल टावरों को बिजली की आपूर्ति बंद करके जनता की असुविधा का कारण नहीं बनें।

अमरिंदर ने किसानों से कहा है कि कोविड महामारी के बीच दूरसंचार कनेक्टिविटी और भी अधिक महत्वपूर्ण हो गई है। इसलिए इसे नुकसान नहीं पहुंचाया जाए और किसान इस मामले में वही अनुशासन दिखाएं जो पिछले कई महीने से दिखा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने अपील की है कि किसान दूरसंचार कनेक्टिविटी को बाधित करने और दूरसंचार सेवा प्रदाताओं के तकनीशियनों के साथ अभ्रदता जैसे काम करके आप कानून हाथ में न लें। ऐसा करना पंजाब और उसके भविष्य के हित में नहीं है। पंजाब के लोग ’काले’ कृषि कानूनों के खिलाफ लड़ाई में किसानों के साथ खड़े हैं और आगे भी खड़े रहेंगे।

राज्य के कई हिस्सों में किसानों द्वारा मोबाइल टावरों के लिए बिजली की आपूर्ति को रोकने के कारण दूरसंचार सेवाओं का जबरदस्त व्यवधान न केवल छात्रों की पढ़ाई और भविष्य की संभावनाओं पर प्रतिकूल प्रभाव डाल रहा है। छात्र इन दिनों पूरी तरह से ऑनलाइन शिक्षा पर निर्भर हैं। इसके अलावा वर्क फ्रॉम होम कर रहे लोग भी इससे परेशान हो रहे हैं।

दूरसंचार सेवाओं के बाधित होने से पहले से ही बिगड़ी अर्थव्यवस्था पर गंभीर असर पड़ेगा। राज्य में दूरसंचार सेवा व्यवधान के परिणामस्वरूप आर्थिक संकट बढ़ेगा जिसका कृषि क्षेत्र और कृषक समुदाय पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा।

यहां यह उल्लेखनीय है कि आंदोलनकारी किसानों ने पंजाब में जियो के मोबाइल टॉवरों की बिजली बंद करने के साथ ही उनके स्टॉफ को भी टॉवरों से बाहर कर दिया है।

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