नई दिल्ली.केरल में अपमानजनक सोशल मीडिया पोस्ट करने वालों को अब जेल नहीं जाना पड़ेगा। केरल सरकार ने विरोध होने के बाद पुलिस अधिनियम में धारा 118 ए जोड़ने के फैसले को रद्द कर दिया है। यह धारा लागू हो जाती तो सोशल मीडिया पर अपमानजनक सामग्री पोस्ट करने पर 10 हज़ार रुपये का जुर्माना या तीन साल की क़ैद या दोनों भुगतनी पड़ती।

खबरों के मुताबिक मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने कहा कि सरकार संशोधित अधिनियम को लागू नहीं करना चाहती है।संशोधन की घोषणा के साथ, विभिन्न तबकों से अलग-अलग राय सामने आई है। जो लोग लोकतंत्र की सुरक्षा के लिए खड़े हैं, उन्होंने संशोधन पर चिंता जताई। इन परिस्थितियों में सरकार संशोधित अधिनियम को लागू नहीं करना चाहती है।
माना जा रहा है कि माकपा केंद्रीय नेतृत्व के हस्तक्षेप के बाद सरकार ने यह बदलाव किया है। अन्य वाम दल भी खासकर भाकपा भी इससे नाराज थी।

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने पहले ही संकेत दे दिए थे कि अध्यादेश पर पुनर्विचार किया जाएगा। भाकपा महासचिव डी. राजा की पार्टी ने भी इस बारे में अपनी राय जाहिर कर दी थी। केरल मंत्रिमंडल ने पिछले महीने पुलिस अधिनियम में धारा 118 ए जोड़ने का फैसला किया था। अगर कोई शख्स सोशल मीडिया के जरिये किसी व्यक्ति की मानहानि या अपमान करने वाली सामग्री का प्रकाशन अथवा प्रसारित करेगा तो 10 हजार रुपये का जुर्माना या तीन साल की कैद या दोनों ही सजा मिलेगी। राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान ने इस अध्यादेश को मंजूरी दे दी थी।

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