सरदार नहीं बन पाया फिर भी चेहरे पर शिकन नहीं

नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि सरदार सरोवर बांध का निर्माण कार्य ‘राजनीति’ की वजह से बरसों तक अटका रहा जिसका देश को बहुत नुकसान हुआ लेकिन ऐसा करने वालों को इसका पश्चाताप तक नहीं है।

केवडिया में पीठासीन अधिकारियों के 80वें अखिल भारतीय सम्मेलन के समापन सत्र को वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से संबोधित कर रहे मोदी ने कहा, कि हमारे हर निर्णय का आधार एक ही होना चाहिए। इसे एक ही तराजू पर तौला जाना चाहिए, एक ही मानदंड होना चाहिए और वह है राष्ट्रहित। जब निर्णयों में देशहित और लोकहित की बजाय राजनीति हावी होती है तो उसका नुकसान देश को उठाना पड़ता है। सरदार सरोवर बांध भी इसका बहुत बड़ा उदाहरण है। सरदार सरोवर बांध का काम बरसों तक अटका रहा और फंसा रहा।
मोदी ने कहा कि ये सब बरसों पहले भी हो सकता था। इतना बड़ा राष्ट्रीय नुकसान हुआ, लेकिन जो इसके जिम्मेदार थे, उनके चेहरे पर शिकन नहीं है। प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर मुबई में आज ही के दिन हुए आतंकवादी हमले में मारे गए लोगों और पुलिस के जवानों को श्रद्धांजलि दी और कहा कि आज का भारत नई नीति-नई रीति के साथ आतंकवाद का मुकाबला कर रहा है। प्रधानमंत्री ने क राष्ट्र, एक चुनाव को भारत की जरूरत बताया और पीठासीन अधिकारियों से इस पर मंथन करने का आग्रह किया। समय के साथ कानूनों को आसान बनाने पर जोर दिया और कहा कि कानूनों की भाषा इतनी आसान होनी चाहिए कि सामान्य से सामान्य व्यक्ति भी उसको समझ सके।

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