नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दावा किया है कि केवल ‘सरनेम’ के सहारे चुनाव जीतने वालों के दिन लदने लगे हैं। मोदी ने कहा कि राजनीतिक वंशवाद लोकतंत्र का सबसे बड़ा दुश्मन है और इसे जड़ से उखाड़ फेंक​ दिया जाना चाहिए।

दूसरे राष्ट्रीय युवा संसद महोत्सव के समापन सत्र को वीडियो कान्फ्रेंस से संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि जब तक देश का सामान्य युवा राजनीति में नहीं आएगा,वंशवाद का जहर लोकतंत्र को कमजोर करता रहेगा। देश को नयी ऊंचाइयों पर ले जाने का काम तथा उसे आत्मनिर्भर बनाने का काम देश के युवाओं के कंधे पर है।

प्रधानमंत्री ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा और किसी का नाम लिए बिना कहा कि भ्रष्टाचार जिनकी विरासत थी, उनका भ्रष्टाचार ही आज उन पर बोझ बन गया है। यह देश के सामान्य नागरिक की जागरूकता की ताकत है कि वो लाख कोशिशों के बाद भी इससे उबर नहीं पा रहे हैं। देश ईमानदारों को प्यार दे रहा है। इसके बावजूद कुछ बदलाव अभी भी बाकी हैं और इन बदलावों को लाने के लिए देश के युवाओं को आगे आना होगा।

मोदी ने कहा कि लोकतंत्र का एक सबसे बड़ा दुश्मन पनप रहा है और वह है राजनीतिक वंशवाद। राजनीतिक वंशवाद देश के सामने ऐसी ही चुनौती है, जिसे जड़ से उखाड़ना है। राजनीति में वंशवाद का यह रोग अभी पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। राजनीतिक वंशवाद लोकतंत्र में एक नए रूप की तानाशाही के साथ ही देश पर अक्षमता का बोझ भी बढ़ा देता है।

राजनीतिक वंशवाद देश प्रथम के बजाय सिर्फ मैं और मेरा परिवार की भावना को मजबूत करता है। यह भारत में राजनीतिक और सामाजिक भ्रष्टाचार का भी एक बहुत बड़ा कारण है। वंशवाद की वजह से राजनीति में आगे बढ़े लोगों को लगता है कि उनके पहली की पीढ़ियों के भ्रष्टाचार का हिसाब नहीं हुआ तो उनका भी कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।
मोदी ने कहा कि वे तो अपने घर में ही इस प्रकार के विकृत उदाहरण भी देखते हैं। इसलिए ऐसे लोगों का कानून के प्रति ना सम्मान होता है ना ही उन्हें कानून का डर होता है। इस स्थिति को बदलने का जिम्मा देश की युवा पीढ़ी पर है।

लेना और पाना छोड़, कुछ कर गुजरने के इरादे से जब तक देश का सामान्य युवा राजनीति में नहीं आएगा, वंशवाद का यह जहर इसी तरह हमारे लोकतंत्र को कमजोर करता रहेगा। लोकतंत्र को बचाने के लिए युवाओं का राजनीति में आना जरूरी है। ये युवाओं की जिम्मेदारी है कि भारत के भविष्य का नेतृत्व करें। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय युवा महोत्सव हर साल 12 से 16 जनवरी तक मनाया जाता है। 12 जनवरी को स्वामी विवेकानंद की जयंती है। इसे राष्ट्रीय युवा दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस साल राष्ट्रीय युवा महोत्सव के साथ राष्‍ट्रीय युवा संसद समारोह भी आयोजित किया जा रहा है।

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